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एक विवाह ऐसा जहाँ कुआँ बनती है दुल्हन

एक विवाह ऐसा जहाँ कुआँ बनती है दुल्हन




आज तक आपने कई तरह की शादियां देखी होगी ,महंगी शादी,सस्ती शादी,मंदिर में शादी ,हर शादी में बर और बधू को भी देखा होगा,पर आज हम आपको एक ऐसी शादी दिखा रहे है जो अपने आप मे अनोखी है और शायद आप ऐसा पहली बार देख रहे हों।इस शादी में दूल्हा है काठ यानी लकड़ी का और दुल्हन है कुआँ,जी हाँ सुन कर आप चकित न हो। ये शादी है एक कुआँ की , जिसमे दूल्हा बनता है काठ का और दुल्हन बनी कुआँ को रंग रोगन कर दुल्हन की तरह सजाया गया है।इस शादी में वो हर विधि होती है जो दूसरे शादियों में होती है।पंडित ब्रज किशोर पांडेय पूरे मंत्रो उच्चारण से शादी सम्पन करवा रहे है। मामला बाढ़ के वार्ड नंबर 8 के अम्बेडकर नगर में पिछले 62 सालों चलता आ रहा है ।यहाँ के लोग इसी कुआँ से बिबाह के बाद अपने घर का सारा पानी का काम करते है।वार्ड नंबर 8 के पार्षद पति विक्की इसे मुख्यमंत्री जल संचय योजना से जोड़ते हुए देखते है कि कुआँ में सफाई और पानी संचय भी होता है ,और इस तरह ये पर्यावरण संरक्षण का एक संदेश भी है। प्रगतिशील युवा मंच द्वारा ये बिबाह आयोजित होती है। हल्दी ,मड़वा और घृत ढाड़ी के बाद पांच दिनों तक चलने वाला विवाह समारोह भोज के बाद समाप्त हो जाता है,और इलाके के लोग इस कुआँ के पानी से अपना सभी नया काम शुरू करते है।
(रिपोर्ट- रवि शंकर शर्मा)