Headlines
Loading...
मोकामा से नालन्दा गंगाजल ले जाने की तैयारी ?

मोकामा से नालन्दा गंगाजल ले जाने की तैयारी ?



रवि शंकर शर्मा की रिपोर्ट

सिंचाई विभाग की महत्वाकांक्षी परियोजना के मद्देनजर गंगा को नालन्दा ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है।इसी क्रम में कल जिलाधिकारी कुमार रवि हाथीदह थानाक्षेत्र में विभिन्न स्थानों के निरीक्षण हेतु आये थे।औऱ आज सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार के साथ जिलाधिकारी कुमार रवि, अनुमंडलाधिकारी सुमित कुमार समेत सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कई वरीय पदाधिकारी ने फिर से स्थल निरीक्षण किया।ऐसा माना जा रहा है कि हाथीदह थानाक्षेत्र के ही किसी स्थान से भूगर्भ पाइपलाइन डालकर गंगाजल नालन्दा ले जाया जायेगा। हालाँकि अधिकारियों ने अभी इसपर किसी तरह के खुलासे से परहेज किया है।वहीं गंगाजल मोकामा से नालन्दा ले जाने की बात फैलते ही मोकामा के लोग नाराज हो चले हैं। लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से विरोध भी शुरू कर दिया है। कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री से यहाँ तक पूछ डाला कि जिस मोकामा ने नीतीश कुमार को मुकाम और पहचान दी उसी का सबकुछ छीन लेने पर क्यों तुले हैं सी एम?

गौरतलब है कि नीतीश कुमार के सी एम बनने के बाद से कभी औद्योगिक नगरी के रूप में ख्यातिप्राप्त मोकामा के सारे उद्योग धंधे आज बंद हो चुके हैं, टाल में जलनिकासी नही होने के कारण अकाल की स्थिति है तो एक मात्र बचे ट्रांसपोर्ट उद्योग भी राजेंद्रसेतु के बन्द होने के से समाप्त हो चुका है और इनमें से किसी बात पर मुख्यमंत्री का ध्यान नही है। मोकामा की स्थिति यथावत रही और सरकार ने ध्यान नही दिया तो आनेवाले समय मे विधानसभा क्षेत्र में अराजकता बढ़ सकता है।

लाखों की संख्या में अचानक बेरोजगार हुये लोग कमसेकम राजेंद्रसेतु को अंडर लोड खोलने की बार बार अपील कर रहे हैं जिस पर प्रशासन और सरकार का कोई ध्यान नही है। उल्टे मुख्यमंत्री गंगाजल नालन्दा ले जाने में लगे हैं। लोगों का मानना है कि C M  चाहें तो बख्तियारपुर से नालन्दा की दूरी सबसे कम होगी ऐसे में वहाँ से भी जल ले जाया जा सकता है फिर मोकामा से ही सबकुछ क्यों छीना जा रहा है? क्या वे मोकामा वासियों के लिए मुख्यमंत्री नही हैं? सिर्फ नालन्दा के कल्याण से ही प्रदेश का कल्याण हो जायेगा?ऐसे कई सवाल चौक चौराहों चाय दुकानों और गली मोहल्लों में सुनने को मिल रही है। लोगों ने मीडिया से भी इस दर्द को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की अपील की है।खासतौर पर लोगों में बेरोजगारी, राजेंद्रसेतु मामला, बंद पड़े उद्योग, नाजरेथ अस्पताल की दुर्दशा और टाल को लेकर व्यापक नाराजगी देखने को मिल रही है। वो भी तब जब मोकामा के ही नीरज कुमार सरकार में कबीना मंत्री हैं, चंदन कुमार नवादा से सांसद हैं और राजीव रंजन सिंह जैसे जदयु के कद्दावर नेता के होते हुये मोकामा अपनों के ही हाथो हो रहे उपेक्षा से आहत है।धीरे धीरे लोगों की ये नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है।