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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मनाया स्वामी विवेकानंद की जयंती

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मनाया स्वामी विवेकानंद की जयंती




प्रखंड के देवरिया पंचायत स्थित महुआरी गांव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से युवा दिवस के अवसर पर रविवार को स्वामी विवेकानंद जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ो लोगों ने उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया। कार्यक्रम को संबोधन करते हुए विद्यार्थी परिषद के नगर इकाई मंत्री अमरजीत पांडे ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का पूर्व-मठवासी नाम नरेंद्र नाथ दत्त था। वह योगियों के स्वभाव के साथ पैदा हुए थे और बहुत कम उम्र में ध्यान करते थे। उनका जन्म एक आर्थिक रूप से संपन्न परिवार में हुआ था। उनके पिता विश्वनाथ दत्त विद्वान अधिवक्ता थे। जिन्होंने अपने करियर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। स्वामी विवेकानंद का जन्म कोलकाता में 12 जनवरी 1863 को हुआ था। स्वामी विवेकानंद के पिता की मृत्यु युवा होने पर अचानक हुई। इससे उनके परिवार की आर्थिक रीढ़ टूट गई और पूरे परिवार को गरीबी में धकेल दिया गया। स्वामी विवेकानंद घर-घर जाकर नौकरी मांगते थे। जब वह नौकरी पाने में असफल रहे तो वह धीरे-धीरे नास्तिक में बदल गया और खुले तौर पर कहते थे कि भगवान जैसी कोई चीज नहीं है। स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवनकाल में बहुत से बेहतरीन कोट्स बोले जो लोगों के लिए बेहद प्रेरणादायी है। मौके पर विकास कुमार, राजा चौबे,धन्नू उपाध्याय, मनीष पासवान, प्रिंस पासवान, मिथुन साह, मनोज प्रसाद, सोनू शर्मा,संजय गुप्ता,भरत साह,अखलेश तिवारी, सिद्धार्थ सिंह राजपूत, प्रदेश कार्यकार्णी सदस्य प्रदीप कुमार,अभिषेक पाठक,नीरज कुमार, पंकज कुमार विद्यार्थी, पूर्व पैक्स अध्यक्ष अनिल सिंह,गौरीशंकर महतो आदि उपस्थित थे।