Headlines
Loading...
सरस्वती पूजा करनी है तो जान लें ये नियम वरना जायेंगे जेल

सरस्वती पूजा करनी है तो जान लें ये नियम वरना जायेंगे जेल


सरस्वती पूजा करनी है तो जान लें ये नियम वरना जायेंगे जेल


हर वर्ष की तरह इस बार आप सरस्वती पूजा के नाम पर हुड़दंग नही कर पायेंगे, सरकार ने इसके लिये कई दिशा निर्देश जारी किये हैं जिसकी निगरानी अंचलाधिकारी, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के साथ ही थानाध्यक्षो के जिम्मे होगी।अगर आप इस बार सरस्वती पूजा करने की सोंच रहे हैं तो सबसे पहले थाना को एक आवेदन समर्पित करें, जिसमे पूजा से लेकर विसर्जन तक का समय , विसर्जन का स्थान, रूट इत्यदि का उल्लेख करें, इसके बाद थानाध्यक्ष द्वारा आपको लाइसेन्स निर्गत किया जायेगा।डी जे को खोजकर जब्त करने के बाद विनिष्टिकरण के आदेश दिये गये साथ ही ङी जे मालिकों पर प्राथिमिकी दर्ज करने के भी आदेश दिये गये हैं।आप सुबह 6 बजे से रात्रि दस बजे तक ही लाउडस्पीकर का उपयोग कर पायेंगे। जिसमे ध्वनि की मात्रा 10 डेसिबल से 80 के बीच यानी अत्यंत मधुर होनी चाहिए ताकी कोई फोन पर बात करना चाहे तो भी दिक्कत ना हो।अश्लील और भड़काऊ संगीत बजाने वालों के विरुद्ध कड़ी करवाई के निर्देश जारी किये गये हैं।अंचलाधिकारी और कार्यपालक पदाधिकारी को मूर्ति विसर्जन के लिये अस्थायी तालाबों के निर्माण के आदेश दिये गये हैं। मूर्ति विसर्जन के बाद उसे मिट्टी से ढँक देना भी होगा। गंगा से थोड़ा पहले अस्थायी रूप से तलाव बनाये जा सकते हैं। जहाँ नदी नही है वहां अंचलाधिकारी और कार्यपालक पदाधिकारी स्थान तय कर निर्माण करेंगे। एस डी एम सुमित कुमार ने बताया कि सरकार ने उक्त कदम माननीय सर्वोच्च न्यायालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशानुसार उठाये हैं।कुल मिलाकर इस बार से आपको सिर्फ पूजा करनी है ना कि उसके आड़ में हुड़दंग । तो सावधान रहें और शांति से सुरक्षित पूजा व विसर्जन को तैयार रहें।

(रवि शंकर शर्मा की रिपोर्ट)


बिहार दर्पण न्यूज़ एप्स डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें

👇🏻👇🏻💯👇🏻👇🏻