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राजेंद्रसेतु से लगातार जारी है भारी वाहनों का परिचालन

राजेंद्रसेतु से लगातार जारी है भारी वाहनों का परिचालन



जैसा कि सर्वविदित है राजेंद्रसेतु से दो टन से अधिक वजन लेकर परिचालन करना रेलवे और NHAI के द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया है, इसके बाबजूद हमने कल भी आपको बीस टन से अधिक भार बाले वाहन का परिचालन होते हुये दिखाया था और आज की ताजा तस्वीर भी आपके सामने है।और इस कारण लोग अब खुलकर प्रशासन पर दोहरे मापदण्ड का आरोप लगा रहे हैं। और लगाएँ भी क्यों ना?एक तरफ हाइटगेज लगाकर सेतु को बन्द किये जाने के बाद लाखों लोग आजीविका की संकट से जूझ रहे हैं , भुखमरी के कगार पर हैं तथा लगातार अन्य प्रदेशों की ओर रोजी रोटी के लिये अब पलायन को मजबूर हैं तो दूसरी तरफ कुछ वाहनों को स्टील और लोहा लादकर दस से तीस टन तक परिचालन करने पर भी रोक नही है। और यही कारण है कि लोगों में आक्रोश अब चरम पर पहुँच चुका है।बेरोजगारी की मार झेल रहे लोग जब सेतु से ऐसे वाहनों को गुजरते देखते हैं तो उनका आक्रोश और बढ़ जाता है।लोग खुलकर कहने लगे हैं प्रशासन का ये दोहरा रवैया अब नही चलेगा, नियम सबके लिये एक होना चाहिये। अगर भारी लोहा या स्टील लेकर गुजरने से सेतु क्षतिग्रस्त नही हो रहा है तो फिर निर्माण सामग्रियों की ढुलाई को क्यों रोका जा रहा है? हालाँकि इस पर अनुमंडलाधिकारी सुमित कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि नियम सबके लिये एक है। अगर कोई उल्लंघन करता है तो विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी।
पटना ग्रामीण से रवि शंकर शर्मा की रिपोर्ट