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अवैध रूप से दवा कारोबारियों पर लगाम लगना चाहिए।

अवैध रूप से दवा कारोबारियों पर लगाम लगना चाहिए।



केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा बुलाए गए दवा बंदी के खिलाफ राजकीय फार्मेसी छात्रावास में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की तरफ से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया फार्मासिस्ट ने बताया कि दवा दुकानों की बंदी नियम संगत कतई उचित नहीं है आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 का उल्लंघन है दवा एक जीवन रक्षक सामग्री है और दवा की आपूर्ति कोई भी व्यक्ति बाधित नहीं कर सकता ऐसे मैं सरकार को केमिस्ट एसोसिएशन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बंद सभी दुकानों का लाइसेंस निरस्त करना चाहिए इतना ही नहीं प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि राज्य में फार्मासिस्ट द्वारा संचालित सभी दुकानें खुली रहेंगी और मौके पर राज्य के फार्मासिस्ट द्वारा संचालित कुछ दवा दुकानों की सूची भी जारी की गई जो चौबीसों घंटे मरीज हित में सेवा करेगी प्रत्येक जिले में पांच फार्मेसी छात्रों को चयनित किया गया जो दवा संबंधी किसी समस्या का निवारण हेतु सहायता के लिए उपलब्ध होंगे उन्होंने कहा कि इस हड़ताल से कोई फर्क नहीं पड़ेगा तथा अवैध रूप से दवा कारोबारियों पर लगाम लगाना की आवश्यकता है और सरकार इस संदर्भ में अच्छा पहल कर रही है उन्होंने सरकार से अपील की कि ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट के अनुसार फार्मासिस्ट उपस्थिति में ही दवा वितरण भंडारण का कार्य किया जाए मौके पर मीडिया प्रभारी रजत राज कहा कि श्रम विभाग द्वारा फार्मासिस्ट की मानदेय मेडिकल स्टोर पर कार्य करने हेतु निर्धारित किया जाए ताकि फार्मासिस्ट संवर्ग का कोई दवा विक्रेता शोषण ना कर सके यदि मेडिकल स्टोर वाले फार्मासिस्ट को सम्मानजनक वेतन देंगे तो बिल्कुल फार्मासिस्ट मेडिकल स्टोर में कार्य करने हेतु तैयार हैं उन्होंने सरकार से यह भी अपील की कि फार्मासिस्ट को कम ब्याज दर पर लोन देकर उन्हें खुद के फार्मासी खोलने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है