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संजय मोदी का अपहरण नहीं हुआ था, खुद से गया था चंडीगढ़

संजय मोदी का अपहरण नहीं हुआ था, खुद से गया था चंडीगढ़




मुंगेर जिला के बरियारपुर थाना अंतर्गत घोरघट गांव से लापता हुए संजय मोदी के मामला अपहरण का नहीं था. संजय मोदी खुद से चंडीगढ़ चला गया था. वहां अपनी बहन के पास वह गया था. अनुसंधान के क्रम में सीडीआर एनालिसिस तथा संजय मोदी के मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड को खंगाला गया तो दिल्ली एनसीआर के कुछ नंबरों पर बातचीत की जानकारी मिली थी. इसी के बाद पुलिस ने उन नंबरों पर अपनी तफ्तीश की. सीडीआर एनालिसिस और वैज्ञानिक अनुसंधान के दौरान शनिवार रात को ही संजय मोदी के एनसीआर में होने की जानकारी मिली थी. बरियारपुर थानाध्यक्ष ने इसके बाद दिल्ली, नोएडा और चंडीगढ़ में रह रहे बरियारपुर के कुछ लोगों से संपर्क साधा था. रविवार सुबह उसे चंडीगढ़ में देखे जाने की जानकारी मिली. संजय मोदी से पुलिस पदाधिकारियों की बातचीत फोन के जरिए हुई है. संजय मोदी के पिता ने भी लिखित में बयान दिया है कि उनका बेटा खुद से चंडीगढ़ चला गया था. संजय मोदी से बरियारपुर थानाध्यक्ष राजेश रंजन और एसआईओयू प्रभारी विनय सिंह की बात हुई है. उसने स्वीकार किया है कि बकाया पैसे के विवाद में गांधीपुर निवासी रिंपु कुमार से उसकी कहासुनी हुई थी और बकाया पैसा नहीं देने से खफा होकर वह अपना मोबाइल फोन उसके पास फेंक कर चला गया था. उसने अपहरण से इंकार किया है तथा पुलिस जांच में भी रिंपु की कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है. संजय मोदी की बरामदगी सुनिश्चित करने के लिए सदर एएसपी हरिशंकर कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था. एसआईओयू प्रभारी विनय सिंह, कासिम बाजार थानाध्यक्ष शैलेश कुमार, बरियारपुर थाना अध्यक्ष राजेश रंजन, जिला सूचना इकाई की टीम ने वैज्ञानिक और ह्यूमन इंटेलिजेंस आधारित अनुसंधान को त्वरित गति से निष्पादित करते हुए मामले का खुलासा किया है. पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जाएगा. आम लोगों से अपील है कि वे इस प्रकार के मामलों में धैर्य बरतें तथा कानून हाथ में न लें और पुलिस को काम करने का पर्याप्त अवसर दें.
(मुंगेर से रवि शंकर शर्मा की रिपोर्ट)

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