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लाॅकडाउन: झमटिया धाम में फंसे हैं दर्जन भर पुरोहित एवं श्रद्धालु

लाॅकडाउन: झमटिया धाम में फंसे हैं दर्जन भर पुरोहित एवं श्रद्धालु


दाने-दाने को मोहताज श्रद्धालु एवं पुरोहित
प्रशासनिक कुव्यवस्था पर प्रमुख नें दिखायी उदारता

प्रखंड क्षेत्र में कोरोना पाॅजिटिव के लगभग आधे दर्जन मरीजों के पाये जाने के बाद से सम्पूर्ण लाॅकडाउन का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। लाॅकडाउन फंसे कुछ बाहरी लोगों को मदद पहुंचाने में प्रशासन बिलकुल हीं विफल साबित हो रही है । बताते चलें कि नारेपुर झमटिया घाट पर गंगा स्नान करने आयी लगभग दर्जन भर महिलाएँ एवं अन्य पंडित ,पुरोहित लाॅकडाउन की चपेट में फंसे हैं । कहीं भी आने जाने की पुर्ण पाबंदी के बाद मंदिर के पुजारी के द्वारा धर्मशाला में उक्त लोगों के रहने का प्रबंध किया गया है । मगर अब दिन-प्रतिदिन गुजरने साथ-साथ उक्त श्रद्धालुओं पर "भुखे भजन न होय गोपाला , ले लो अपनी कंठी माला" वाली कहावत फिट बैठने लगी है । दाने-दाने को मोहताज पुरोहितों एवं श्रद्धालुओं के सामने भुखे मरने की नौबत आन परी है । मंदिर के पुजारी द्वारा उक्त समस्याओं से स्थानीय पुर्व उप मुखिया आलोक प्रभात को अवगत कराया गया । तत्पश्चात उक्त नेता नें प्रशासनिक तौर पर भोजन उपलब्ध कराने हेतु बीडीओ विमल कुमार को कहा । मगर बीडीओ नें यह कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया कि लाॅकडाउन में पुर्ण व्यवस्था एसडीओ तेघरा के जिम्मे है । मामले की सूचना पाकर प्रखंड प्रमुख मंजू कुमारी नें अपनी उदारता दिखाते हुए पुरोहितों के लिए निजी तौर पर भोजन उपलब्ध कराया । शनिवार को प्रमुख प्रतिनिधि मुकेश कुमार , पुर्व उप मुखिया आलोक प्रभात , एवं शक्ति कुमार नें गंगा घाट पहुंचकर भोजन उलब्ध कराया ।

राकेश यादव:~