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बिना राशन कार्ड वाले प्रवासी मजदूरों को भी मिलेगा, 10 किलो चावल और प्रति परिवार 2 किलो दाल - उपमुख्यमंत्री।

बिना राशन कार्ड वाले प्रवासी मजदूरों को भी मिलेगा, 10 किलो चावल और प्रति परिवार 2 किलो दाल - उपमुख्यमंत्री।

बिना राशन कार्ड वाले प्रवासी मजदूरों को भी मिलेगा, 10 किलो चावल और प्रति परिवार 2 किलो दाल - उपमुख्यमंत्री
शिशु लोन के समय बकाया भुगतान पर 2 फ़ीसदी ब्याज अनुदान । फुटपाथ दुकानदारों को मिलेगा 10 हजार का कर्ज
दो लाख करोड़ के कोष से बिहार के किसानों के साथ पशुपालकों व मछुआरों को भी केसीसी का लाभ

धीरज झा की रिपोर्ट

पतना : बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि घोषित 20 लाख करोड़ के पैकेज के तहत कोरोना संकट में लॉकडाउन की वजह से बिहार आ चुके या आने वाले 10 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को बिना राशन कार्ड के भी 2 महीने तक हर माह 5 किलो चावल और प्रति परिवार 1 किलो दाल दिया जाएगा । बचे हुए किसानों के साथ विशेष अभियान चलाकर पशुपालकों व मछुआरों को भी केसीसी का लाभ दिया जाएगा । मुद्रा के तहत शिशु लोन के बकाएदारों द्वारा ऋण की अदायगी पर 2% ब्याज अनुदान व 5 हजार करोड़ के विशेष कोष से बिहार के स्ट्रीट वेडर्स  को 10 हजार तक ऋण दिया जायेगा ।
सुशील मोदी ने कहा कि प्रवासी मजदूर जब भी दूसरे राज्यों में वापस जाएंगे तो वहां भी 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' के तहत वे अनाज का उठाव कर सकेंगे । केंद्र सरकार की घोषणा के अनुसार उन्हें दूसरे राज्यों में किराए के सस्ते मकान की भी सुविधा मिलेगी ।
बिहार में 36,73 लाख छोटे-मोटे काम करने वाले गरीबों को मुद्रा के तहत 11,470 करोड़ का लोन दिया गया है ससमय अगले 12 महीने तक शिशु ऋणधारकों (50 हजार तक कर्ज लेने वाले) द्वारा बकाए के भुगतान पर उन्हें 2% ब्याज अनुदान मिलेगा ।
लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुए बिहार के लाखों फुटपाथी दुकानदारों को भी पैकेज के तहत घोषित 5 हजार करोड़ के फंड से 10 हजार तक का कर्ज दिया जाएगा ।
बिहार में पीएम किसान निधि से आच्छादित 63 लाख किसानों, जिनमें से काफी किसान केसीसी से वंचित हैं के साथ बिहार के पशुपालकों व मछुआरों को भी विशेष अभियान के तहत केसीसी का लाभ दिया जाएगा । इसके लिए केंद्र सरकार ने दो लाख करोड़ का प्रावधान किया है ।