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जिला सिरमौर में नाई, सैलून व ब्यूटी पालर कर्मियों को अब करवाया जाएगा रिफरेशर कोर्स

जिला सिरमौर में नाई, सैलून व ब्यूटी पालर कर्मियों को अब करवाया जाएगा रिफरेशर कोर्स



जिला सिरमौर में नाई, सैलून व ब्यूटी पालर कर्मियों को अब करवाया जाएगा रिफरेशर कोर्स
हर ग्राहक को कटिंग के दौरान डिस्पोजल ऐप्रन के लिए देने होगे, बीस रूपये
श्रम विभाग कपड़े के मास्क और फेस शिल्ड तथा फोटो पहचान पत्र भी करेगा जारी
केवल प्रशिक्षण व रिफरेशर कोर्स करने वाले नाई, सैलून व ब्यूटी पालर कर्मी ही खोल पाएंगे दुकान

जिला सिरमौर में गत दिनों जिला प्रशासन से प्रशिक्षण प्राप्त कर चूके पंजीकृत नाई व सैलून कर्मियों को अब रिफरेशर कोर्स करवाया जाएगा ताकि जिला को कोविड-19 संक्रमण से बचाया जा सके। यह जानकारी उपायुक्त सिरमौर डॉ0आर0के0परूथी ने दी।
       उन्होंने बताया कि सिरमौर हिमाचल का पहला ऐसा जिला है जिसने नाई व सैलून कर्मियों को प्रशिक्षण प्रदान करने की पहल की तथा इसी कड़ी मंे अब इन सभी पंजीकृत नाई व सैलून कर्मियों को रिफरेशर कोर्स करवाया जा रहा है।
       उन्होंने बताया कि नाई व ब्यूटी पार्लर तथा सैलून की दुकानें खुलने के बाद नाई व ब्यूटी पार्लर तथा सैलून कर्मियों को फेस शिल्ड एवं फेस मास्क, सिर ढकने के लिए कवर, हाथ के दस्ताने, स्टिरलाइज उपकरण, डिस्पोजेबल ऐप्रन केवल एक बार प्रयोग के लिए, सैनिटाइज्ड कुर्सी अनिवार्य होंगे।
        उन्होंने बताया कि हर एक ग्राहक की कटिंग के दौरान केवल एक ही बार प्रयोग लाने वाला डिस्पोजल ऐप्रन का प्रयोग किया जाएगा। इस ऐप्रन को बीस रूपये की कीमत पर खरीदा जा सकता है और इसकी कीमत ग्राहक से वसूली जाएगी परन्तु यह ऐप्रन ग्राहक के सम्मुख नई पैकिंग में से निकालना होगा। सभी दुकानदार अपनी दुकान के बाहर अपना मोबाईल नम्बर एवं व्ट्सएप नम्बर प्रर्दशित करेगें जिससे ग्राहक पहले से ंअपॉइंटमेंट निर्धारित कर कंटिग के लिए आएंगे।
       उन्होंने बताया कि श्रम विभाग सभी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके नाई व सैलून कर्मियों को फोटो पहचान पत्र जारी करेगा और सभी को कपड़े के मास्क और फैस शिल्ड़ भी उपलब्ध करवाएगा। सभी दूकानों का समय-समय पर निरीक्षण करने के साथ-साथ एसओपी की अनुपालना को भी जांचा जाएगा।
उन्होंने बताया कि दुकान व सैलून के प्रवेश द्वार पर और अंदर 70 प्रतिशत अल्कोहल आधारित हैण्ड सेनीटाइजर उपलब्ध होना चाहिए। छोटी दुकान के मामले में एकल कुर्सी व बडे सैलून में कुर्सियों के बीच न्यूनतम 1.5 मीटर की दूरी होनी चाहिए। परिसर में कोई वेटिंग एरिया और कोई मैगजीन तथा कोई कचरा नहीं होना चाहिए। एक अलग सिंक जिसमें सफाई उपकरण के लिए स्वच्छ, गर्म पानी उपलब्ध होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, एकल-उपयोग (सिंगल यूज) तौलिये व नैपकिन या एक स्वचालित हैण्ड ड्रायर, डिस्पोजेबल दस्ताने, साफ कपडा और गाउन या एप्रन, जो परिसर में किए गए प्रक्रियाओं के लिए उपयुक्त है, उपलब्ध होने चाहिए। कचरे के निपटान हेतु कूडादान उपलब्ध होना चाहिए।
      उन्होंने बताया कि हर सुबह और शाम को परिसर और दुकान में एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट के साथ पोछा लगाना चाहिए और सभी सतहों को प्रति घंटे छिड़काव से डिसइंफेक्ट किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि बार्बर हर एक ग्राहक की प्रक्रिया के दौरान केवल एक ही बार प्रयोग लाने वाला डिस्पोजेबल एप्रन का इस्तेमाल करे। उपयोग के बीच सभी उपकरणों को साफ किया जाना चाहिए, जिसमें कंघी, ब्रश, रोलर, स्ट्रीकिंग कैप, क्लिपर्स और कैंची शामिल हैं और इन्हें साफ और सूखी स्थिति में रखा जाना चाहिए। उपकरणों को साबुन और पानी के घोल से साफ करके, सुखा कर फिर अल्कोहोल हैण्ड रब, स्पिरिट से साफ करें तथा पुनः उपयोग किए जाने से पहले क्लिपर्स, कैंची पर डीटेचेब्ल ब्लेड को अल्कोहोल, स्पिरिट द्वारा कीटाणुरहित किया जाना चाहिए। उपकरण जिनसे त्वचा को भेदने की सम्भावना है, उन्हें अल्कोहोल हैण्ड रब, रिपरिट द्वारा किटाणुरहित किया जाना चाहिए तथा उपकरणों को कीटाणुरहित बनाने के लिए बोयलर का उपयोग करें और उपकरणों को पानी में उबाल आने के कम सम कम 20 मिनट बाद ही प्रयोग करें।
उपायुक्त ने जिला के सभी बार्बर नाई, सैलून व ब्यूटी पालर कर्मियों से अपील करते हुए कहा है कि उनके कार्य में संक्रमण के फैलने का खतरा अधिक है इसलिए वह प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें और कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में सहयोग करें।


हिमाचल प्रदेश जगत सिंह तोमर