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चिलचिलाती गर्मी में पैदल जा रहे प्रवासी मजदूर की मौत।।

चिलचिलाती गर्मी में पैदल जा रहे प्रवासी मजदूर की मौत।।


 पहचान हुई नहीं परिवार का, नहीं पता आया था कितनी दूर से जाने जाना था कहां।
यतीम हुए बच्चे या बीवी हो गई बेवा, या घर से इकलौता कमाने वाला ही उठ गया।।
यह कविता एक बुजूर्ग पर सटीक बैठ रही है। जिसे आज चिलचिलाती गर्मी और धूप ने अपने आगोश में ले लिया। यह हादसा दनियावां बाजार हॉल्ट के पास हुई है। जहां चलते चलते गिरकर एक प्रवासी मजदूर ने अपनी जान दे दी। इस घटना को देख स्थानीय लोग सकते में आ गए और अफरा-तफरी मच गई।लेकिन कोरोना के भय से लोग दूर से ही देखते रहे।  शव के पास जाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई।
 ग्रामीणों की सूचना पर स्थानीय मुखिया और पुलिस वाले घटनास्थल पर पहुंचे। और वृद्ध के शव को 2 गज सादे कपड़े से ढक दिया।
सूचना पर 1 घंटे के बाद एंबुलेंस आई लेकिन शव उठाने वाला कोई नहीं था। दनियावां थाने के दो चौकीदारों ने पीपीई किट पहन शव को 3 घंटे बाद थाना अध्यक्ष की देखरेख में पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के पास एक बैग था जिसे कोरोना के भय से किसी ने देखने की हिम्मत नहीं किया। अगर बैग चेक किया जाता तो हो सकता है उसकी शिनाख्त हो जाती।लाश उसके परिवार वाले को मिल जाता।

 धीरज झा पटना