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झारखण्ड के चार मजदूरों की मौत,पंद्रह लोग हुए घायल।।

झारखण्ड के चार मजदूरों की मौत,पंद्रह लोग हुए घायल।।


ऐसा लग रहा है जैसे कोरोना महामारी ने ऐसा दिन लेकर आया है कि 2020 का पूरा साल ही खराब रहेगा। लॉक डाउन होने के कारण प्रवासी मजदूर अन्य राज्य में भूख-प्यास की तड़पन से बेचैन हैं। वहीं राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक सुरक्षित लाने की लगातार कोशिश भी कर रही है। सरकार हर सम्भव चाहती है कि अन्य राज्य में फंसे झारखण्ड के गरीब मजदूरों को कोई दिक्कत न हो। महामारी से बचाने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से मजदूरों को वापस लाया भी जा रहा है, किन्तु अनहोनी को भला कौन टाल सकता है। मजदूरों के साथ हो रहे हादसों का सिलसिला भी बदस्तूर जारी है। घटना है महाराष्ट्र के यवतमाल की। प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां मजदूरों से भरी एक बस का एक्सीडेंट हो गया। इस हादसे में ड्राइवर सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग बुरी तरह घायल हैं। बताया जा रहा है कि यह दुर्घटना बस व डंपर के बीच जोरदार टक्कर होने से हुई है। घायलों को स्थानीय अस्पताल में ही बेहतर इलाज हेतु भर्ती कराया गया है। उक्त बस में राज्य के दो जिले- गढ़वा व पलामू के तकरीबन 50 मजदूर सवार थे। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार पलामु जिले के तीन मजदूरों की मौत की सूचना है। यह जानकारी घटी घटना में फंसे गढ़वा के एक मजदूर बेलाश साह ने फ़ोन पर दी। गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड के भी कई मजदूर सवार थे। लोहरगड़ा पंचायत के बेलाश साह, अशोक साह, सोनू साह, अनूप राम, उमेश राम, नंदू राम, जितेंद्र साह, इंद्रजीत साह सहित अन्य का भी नाम शामिल है।
इधर मुख्यमंत्री- हेमंत सोरेन ने महाराष्ट्र के यवतमाल में 4 प्रवासी मजदूरों की मौत पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह अति दुखद घटना है। उन्होंने घायल लोगों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए शीघ्र ही स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना की है। हेमंत सोरेन ने महाराष्ट्र सरकार से घायल लोगों की मदद हेतु आग्रह किया है। साथ ही राज्य को-ऑर्डिनेटर को निर्देश दिया है कि घायल लोगों की मदद व झारखण्ड वापसी हेतु सोलापुर प्रशासन से सम्पर्क स्थापित करें।

धीरज झा