Headlines
Loading...
ऑनलाइन पढ़ाई के समय छात्र कर रहे हैं शिक्षकों को परेशान।

ऑनलाइन पढ़ाई के समय छात्र कर रहे हैं शिक्षकों को परेशान।





वैश्विक त्रासदी कोरोना से त्रस्त दुनिया एवं लॉक डाउन के बीच छात्रों के भविष्य को लेकर अभिभावकों के साथ साथ केंद्र सरकार,राज्य सरकार एवं संबंधित बोर्ड काफी चिंतित हैं। छात्रों की पढ़ाई को लेकर विद्यालय प्रबंधन "ज़ूम" एप्प के माध्यम से पढ़ाई कराने का निर्णय लिया। सी बी एस ई से सम्बंधित विद्यालयों ने अपने अपने शिक्षकों को निर्देश दिया एवं समय सारणी तैयार कर शिक्षकों को उपलध कराया गया ताकि शिक्षक छात्रों को सुविधनुसार पढ़ा सकें। लॉक डाउन प्रारम्भ होते हीं सभी शिक्षक ततपरता के साथ छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई प्रारम्भ कर दिए, परन्तु कुछ अनजान छात्रों के द्वारा पढ़ाई के क्रम में शिक्षकों के साथ अभद्रता की  जाने की शिकायतें निरन्तर आ रही है।कुछ विद्यलय के शिक्षक एवं छात्राओं ने नाम नही छापने के शर्त पर बताया कि पढ़ाई के क्रम में अनजान छात्रों से गंदी गंदी टिप्पणी की जा रही है। सभी शिक्षक अपने अपने विद्यलय प्रबंधन से शिकायत भी किये हैं, परन्तु विद्यालय प्रबंधन को गलत आई डी के कारण वैसे व्यक्तियों को पकड़ना मुश्किल है। ऑनलाइन पढ़ाई में अगर कोई छात्र गलती से भी किसी अन्य छात्र को आई डी एवं पासवर्ड दे देता है तो असामाजिक तत्व द्वारा भी क्लास को डिस्टर्ब कर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा सकता है। इस प्रकार के घिनौनी हरकत को देखते हुए शिक्षकों ने मीडिया के माध्यम से अभिभावकों  से अपील एवं आग्रह किये हैं कि बच्चों के ऑनलाइन पढ़ाई के समय माँ बाप में से कोई एक व्यक्ति उनके साथ अवश्य रहे, अन्यथा शिक्षक विवश हो कर ऑनलाइन पढ़ाई के अलावा अन्य माध्यम के बारे में विचार करने के लिये बाध्य हो सकते हैं। डी ए वी सासाराम के प्राचार्य डॉ बीरेंद्र कुमार ने बताया कि अभिभावकों का भी कर्तव्य बनता है कि ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान अपने बच्चों को निगरानी में रखें। कुछ छात्रों के कारण अधिक संख्या में छात्रों को पढ़ाई की हानि हो रही है, खास कर छात्राएं ऑनलाइन क्लास छोड़ने पर मजबूर हो रही हैं।ये किसी एक स्कूल की बात नही है,ये हालात लगभग सभी स्कूलों के साथ है। डॉ बीरेंद्र ने बताया कि आई टी के टेक्निकल एक्सपर्ट के साथ एक बैठक कर ऐसी गतिविधि पर निगरानी रखने के साथ वैसे  व्यक्तियों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है कि उनके विरुद्ध आई टी एक्ट के तहत कारवाही की जा सके, ताकि छात्र छात्राओं का भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ करने का कोई हिम्मत न कर सके।