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बिहार में रोजगार पैदा करने के लिए सरकार ने कसी कमर, उद्योग मंत्री ने 24 कारोबारियों को पत्र लिखकर निवेश करने को किया अपील।।

बिहार में रोजगार पैदा करने के लिए सरकार ने कसी कमर, उद्योग मंत्री ने 24 कारोबारियों को पत्र लिखकर निवेश करने को किया अपील।।



पटना : वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को लेकर लगाए गए लॉक डाउन  में रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। लोग महानगरों का मोह त्याग कर साइकिल या पैदल अपने घर के लिए निकल पड़ा। रेलवे ने भी अधिकाधिक मजदूरों को उसके गृह राज्य में पहुंचाया। बड़ी तादाद में प्रदेश लौटे मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। रोजगार की समस्या को दूर करने के लिए बिहार सरकार ने कमर कस ली है।बिहार के उद्योग मंत्री श्याम रजक ने देश के 24 उद्योगपतियों को पत्र लिखकर बिहार में निवेश करने और अपनी यूनिट लगाने की अपील की है। श्याम रजक ने उद्योगपतियों को लिखे पत्र में कहा कि बिहार में निवेश की असीम संभावनाएं हैं। श्याम रजक ने कहा कि प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, कृषि यंत्र के उत्पादन, ऊर्जा, केमिकल, टेक्सटाइल, चमड़ा, सूचना एवं टेक्नोलॉजी और हेल्थ केयर में निवेश की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने जिन उद्योगपतियों को बिहार में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है उनमें नेस्ले इंडिया लिमिटेड, फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड, खादिम इंडिया लिमिटेड, जीआरएम ओवरसीज लिमिटेड, हिंदुस्तान फूड्स लिमिटेड, रिलैक्सो फुटवियर लिमिटेड, और बाटा इंडिया लिमिटेड के नाम प्रमुख रूप से लिया जा रहा है।
 उद्योग मंत्री श्याम रजक ने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया है कि निवेश की स्थिति में सरकार उनका पूरा सहयोग करेगी और उन्हें किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करने दिया जाएगा। इतनी बड़ी संख्या में वापस लौटे मजदूरों को रोजगार मुहैया कराना भी नीतीश सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। राज्य के मुखिया नीतीश कुमार ने बिहार लौटे प्रवासी मजदूरों से भी रोजगार के लिए अन्य राज्यों का रुख नहीं करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह प्रवासी मजदूरों को प्रदेश में ही रोजगार उपलब्ध कराएं।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी और लॉक डाउन के बीच अब तक लगभग 20 लाख प्रवासी मजदूर बिहार वापस आ चुके हैं।क्वारेन्टीन  सेंटर पर रह रहे लगभग 7 लाख प्रवासी मजदूरों की स्किल मैपिंग भी सरकार की ओर से कराई जा चुकी है।

धीरज झा