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राजकीय पॉलिटेक्निक, महिला पॉलिटेक्निक, निजी पॉलिटेक्निक के प्राचार्य के द्वारा,'स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, (SBTE) को किया जा रहा गुमराह - पॉलिटेक्निक छात्र, मनीष कुमार।।

राजकीय पॉलिटेक्निक, महिला पॉलिटेक्निक, निजी पॉलिटेक्निक के प्राचार्य के द्वारा,'स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन, (SBTE) को किया जा रहा गुमराह - पॉलिटेक्निक छात्र, मनीष कुमार।।




पटना : देश मे कोरोना संकट को लेकर लॉकडाउन है । जिसके कारण सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं । इसका प्रभाव अब धीरे-धीरे कॉलेज और स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं पर भी पड़ने लगा है । लॉकडाउन में छात्रों की पढ़ाई बाधित ना हो इसके लिए सरकार के निर्देश पर सभी स्कूल और कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई की शुरुआत करवाई गई है । लेकिन कुछ कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति का काम चल रहा हैं । बिना किसी तैयारी के आनन-फानन में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई।
दरअसल पॉलिटेक्निक कॉलेजों के छात्रों ने बिहार, स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (SBTE) से गुहार लगाई है । छात्रों का कहना है कि फरवरी महीने में अधिकतर कॉलेज में मैट्रिक एवं इंटर का परीक्षा सेंटर था । जिस कारण से फरवरी महीने में कॉलेज में कुछ पढ़ाई नहीं हुई । मार्च में केवल 10 दिन की पढ़ाई हुई, वह भी बिना किसी रूटिंग के हुई । 15 मार्च से लॉकडाउन के कारण पढ़ाई अभी तक बंद है और ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है । इससे 5% छात्र भी लाभान्वित नहीं हुए हैं । फिर भी प्राचार्य के द्वारा पेपर के माध्यम से घोषणा की जाती है कि 95% सिलेब्स को पूरा कर चुके हैं । जो पूर्णत: गलत एवं हम लोगों के साथ अन्याय पूर्ण है ।वहीं पॉलिटेक्निक कॉलेज छात्र मनीष कुमार ने कहा कि प्राचार्य महोदय अपनी वाहवाही लूटने में हम लोगों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं । बिहार स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (SBTE) पटना ने दिशा निर्देश दिया था कि, सभी राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज और निजी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की जाय । एसबीटीई के निर्देश देने के बावजूद सभी कॉलेज सिर्फ फ्रॉमलिटी पूरा करने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था कर दी । लेकिन सुचारू ढंग से किसी भी पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई नहीं हो रही है । सिर्फ बिहार के 10 परसेंट ऐसे कॉलेज हैं जो ऑनलाइन सही ढंग से पढ़ा रहे हैं, और बच्चों को कॉर्पोरेट कर रहे हैं।
बाकी कॉलेजों में सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है । यह सिर्फ प्राचार्य के द्वारा SBTE को गुमराह किया जा रहा है ।
अतः छात्रों ने आग्रह किया है कि SBTE के सेक्रेटरी इसकी सही ढंग से जांच करें । क्योंकि यह बच्चों के भविष्य की बात है । आप इसका सही ढंग से निर्णय लें। उन पर आप कार्रवाई कर सही ढंग से चलाने का आदेश करें।