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तेजस्वी यादव ने पोस्टर लांच कर पूछा सवाल, 90 दिनों तक कहाँ गायब रहे नीतीश कुमार।।

तेजस्वी यादव ने पोस्टर लांच कर पूछा सवाल, 90 दिनों तक कहाँ गायब रहे नीतीश कुमार।।




पटना : प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव राज्य सरकार पर लगातार हमला कर रहे हैं। चाहे वह कोरोना संकट का मामला हो या प्रवासी मजदूर की कोई व्यथा हो, या राज्य में विकास कार्य में कोई अड़चन हो इस मुद्दे को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव राज्य सरकार पर पिछले कुछ दिनों से लगातार हमलावर रहे हैं।आज उन्होंने एक नया पोस्टर लॉन्च करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछा है कि वह 90 दिनों तक कहां गायब रहे? तेजस्वी यादव ने कहा कि पूरे 100 दिन में मात्र  123000 जांच हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवालिया लहजे में पूछा इतनी धीमी गति से कोरोना की जांच क्यों हो रही है। मुख्यमंत्री चुनाव की तैयारी में जुटे हुए हैं लेकिन उनका बिहार की जनता पर कोई ध्यान नहीं है।बिहार में 10 करोड़ जनता है लेकिन उनकी कोई फिक्र नहीं है। 10 करोड़ से ज्यादा स्क्रीनिंग कराई गई है। चार लाख लोगों में लक्षण पाए गए हैं लेकिन उसकी भी जांच सरकार ने नहीं की है।पोस्टर के जरिए तेजस्वी ने पूछा है आखिर क्या मजबूरी है कि आप टेस्ट नहीं करा रहे हैं। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव सोमवार को एक नया पोस्टर जारी करते हुए यह सारी सवालात पोस्टर के जरिए नीतीश कुमार से पूछा है। उन्होंने कहा यह पोस्टर हर जिले और ब्लॉक में लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 30 लाख से ज्यादा मजदूर बिहार पहुंच चुके हैं लेकिन ना उन्हें रोजगार मिला है ना ही उनका टेस्ट कराया गया है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के आवास के नजदीक में ही एनएमसीएच और पीएमसीएच है और उनको वहां जाकर वहां का व्यवस्था देखना चाहिए। तेजस्वी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार और भाजपा लाशों के ढेर पर चुनाव करना चाहती है। प्रतिपक्ष के नेता ने कहा कि ग्राउंड की हकीकत को यह दोनों पार्टियां नहीं समझ रही है। बिहार में सबसे धीमी गति से जांच चल रहा है। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 100 दिन में नीतीश कुमार घर से बाहर नहीं निकले तो राष्ट्रीय जनता दल गांव गांव में ढोल पिट जाएगी। आरजेडी के लोग गांव गांव में जाकर ढोल पीटेंगे। तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार घर से बाहर नहीं निकले, अस्पतालों में नहीं गए, प्रवासी मजदूरों से नहीं मिले, जमीन पर नहीं उतरे तो गांव जाकर आरजेडी कार्यक्रम करेगा।

धीरज झा