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सूर्य ग्रहण।।

सूर्य ग्रहण।।



जैसा कि पहले ही सभी पंचांगो में वर्णित है कि 21 जून आषाढ़ के अमावस्या तिथि को सूर्य ग्रहण भारत के सभी राज्यों में मान्य होगा और मिथुन राशि की चंद्रमा पर सूर्य ग्रहण लगने वाला है समय 10:20 से दोपहर 1:48 तक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा इस दिन देव पितृ कार्य भी है,यह ग्रहण मिथुन राशि में हो रहा है। राशि के स्वामी बुध हैं। इस वर्ष के राजा भी बुद्ध हैं। मेरे निजी विचार से मिथुन ,मकर ,कुंभ, मीन राशि वाले को अशुभ फल देगा। वृष राशि और तुला राशि के लिए सामान्य रहेगा। मेष, सिंह, कन्या, वृश्चिक,धनु, कोर्क एवं अन्य राशियों के लिए सुखद रहेगा ।सूतक का बल वृद्ध ,रोगी बालक को छोड़कर अन्य सभी को भोजन नाश्ता नहीं करना चाहिए।           
 *सूर्य ग्रहण के समय*

 *आकर्षण ,वशीकरण, मोहिनी विद्या का प्रयोग तथा अन्य विधियों का प्रयोग सार्थक साबित होता है।
*परंतु अभी वर्तमान स्थिति में भारत ही नहीं अन्य देशो में कोरोना जैसी महामारी का असर है।  लोग अपने आप में शुद्ध और संयमित रह कर धर्म से अपना बचाव खुद करें ,तो ईश्वर आपकी कामना शीघ्र पूर्ण करेंगे ।जैसे दुर्गा मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र का जाप करने से  लाभ मिलेगा। लेकिन संस्कृत मंत्र का उच्चारण मैं लोगों को दिक्कत है। जिससे आप अपना सुधार करने में असमर्थ हैं तो  आचार्य उदय नारायण आपके गुरु बनकर एक मंत्र की ख्याति रखना चाहते हैं जो बीमारी रोग आपदा विपदा के लिए मुख्य है। तथा समस्त रोगों से निवारण  के लिए है। इसका नियम है की
 आप शुद्धता से अपने  पूजन स्थल पर बैठकर, शुद्ध रूप से भगवान को स्नान ,चंदन, धूप ,दीप ,माला ,भोग लगाकर इस मंत्र का जाप करें। गूगल जलाकर करेंगे तो  घर परिवार के रोग कष्ट शीघ्र दूर होंगे।
             
                *मंत्र*

गौरी पार्वती शिव की वारी
 सूर्य देव तेरी रखवारी
  रोग आवे रोग जावे
 पांव चलावे  पांव बांधु
तलवार चलावे धार बंधु
  मेरी भक्ति गुरु शिष्य की शक्ति, दोहाय नरसिंह की,  दोहाय गौरा पार्वती की ।लाख दोहाय सूर्य देव की।।