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रघुवंश प्रसाद सिंह ने दिया इस्तीफ़ा, लालू प्रसाद यादव ने किया अस्वीकार।।

रघुवंश प्रसाद सिंह ने दिया इस्तीफ़ा, लालू प्रसाद यादव ने किया अस्वीकार।।



पटना : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के काफी करीबी और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह पार्टी से नाराज होते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने उनका इस्तीफा अस्वीकार कर दिया  है। राजनीतिक गलियारों से आ रही खबर के मुताबिक वैशाली के पूर्व सांसद रामा सिंह को राजद में शामिल कराए जाने की खबरों से नाराज होकर रघुवंश प्रसाद सिंह ने इस्तीफा दिया था। देश में मनरेगा जैसी योजना की शुरुआत करने वाले रघुवंश प्रसाद सिंह का इस्तीफा पार्टी के लिए बहुत बड़ा झटका है।

 *आख़िर कौन हैं रामा सिंह*

 वैशाली के पूर्व सांसद रामा सिंह का नाम एक समय बिहार के बाहुबलियों में शुमार था। 90 के दशक में वैशाली में रामा सिंह की तूती बोलती थी और लालू यादव के शासनकाल में पुलिस इनके पीछे लगी रहती थी। रामा सिंह का नाम छत्तीसगढ़ में एक व्यापारी के अपहरण में भी सामने आया था। खुद रामा सिंह ने 1995 में निर्दलीय चुनाव में भाग्य आजमाया लेकिन हार गए। लेकिन उनकी राजनीतिक किस्मत जनता दल में विभाजन से खुली जब लालू यादव ने राष्ट्रीय जनता दल बनाया और शरद यादव और रामविलास पासवान जनता दल में रह गए।
 1998 के लोकसभा चुनाव में लालू प्रसाद और रामविलास पासवान एक-दूसरे के आमने-सामने थे और फरार चल रहे रामा सिंह के सहयोग से रामविलास पासवान ने चुनाव जीता था। इसके बाद अगले साल फिर लोकसभा चुनाव हुए लेकिन इस बार लालू यादव ने रामविलास पासवान को हराने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी और रामा सिंह को एसटीएफ ने चुनाव के बीच में ही गिरफ्तार कर लिया। रामविलास पासवान रामा सिंह के समर्थन में थाने पहुंच गए। उधर रामा सिंह का प्रभाव इतना था कि रामविलास पासवान फिर चुनाव जीत गए। अगले साल बिहार विधानसभा चुनाव हुए और रामा सिंह निर्दलीय चुनाव जीतने में सफल हुए और अपना समर्थन 7 दिनों की नीतीश कुमार की सरकार को दिया। इसके बाद 21 साल तक रामविलास पासवान और रामा सिंह को एक दूसरे के करीबी बने रहे। रामविलास पासवान के केंद्र में मंत्री बनते ही रामा सिंह की फिर से तूती बोलने लगी। लेकिन रामा सिंह को लोकसभा जाने के लिए साल 2014 तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने इस चुनाव में बतौर एनडीए के प्रत्याशी के रूप में राजद के रघुवंश प्रसाद सिंह को हरा दिया। रामविलास पासवान के पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी में चिराग पासवान के सक्रिय होते ही रामा सिंह के लिए हालात अनुकूल नहीं रहे। अब रामा सिंह ने लालू यादव के दरवाजे पर राजनीतिक पुनर्वास के लिए दस्तक देना शुरू कर दिया और टिकट का भी जुगाड़ लगाया लेकिन साल 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू यादव ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो अब विधानसभा चुनाव में आस लगाए हुए हैं। लालू यादव और तेजस्वी यादव दोनों का कहना है कि रामा सिंह ने पार्टी में शामिल होने की अर्जी दी है यह खबर आते ही कोरोना संक्रमण का इलाज करा रहे हैं पटना एम्स में रघुवंश प्रसाद सिंह नाराज हो गए और पार्टी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।

 धीरज झा