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हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुॅचाना हमारा लक्ष्य है - मुख्यमंत्री।।

हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुॅचाना हमारा लक्ष्य है - मुख्यमंत्री।।



हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुॅचाना हमारा लक्ष्य है - मुख्यमंत्री



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 प्लाॅट-वार सर्वेय कराया जाय ताकि सिंचाई की अधीकतम क्षमता एवं लक्ष्य का सही आंकलन किया जा सके ।
 टीम बनाकर सर्वे में यह आंकलन कराएं कि किस एरिया में, किस तरह का एरिगेशन कराया जाए, स्थानीय लोगों से भी मिलकर विचार-विमर्श करें ।हर खेत तक सिंचाई के लिये पानी पहुचाने हेतु सिंचाई क्षमता का आंकलन करायें । किस क्षेत्र में पानी की कितनी उपलब्धता है, किस एरिया में कैसे
पानी पहुंचेगा, इसका आंकलन करें तथा लक्ष्य की प्राप्ति के लिए रणनीति बनाये ।नदियों को आपस में जोड़ने की स भावनाओं को तलाशें।मॉनसून अवधी में वर्षा जल के अधीक से अधीक संचयन एवं सदुपयोग की योजना बनायें। सिंचाई कार्य के लिए सतही जल का उपयोग अधिक से अधिक हो सके, इसके लिए भी योजना बनाये। रेन वाटर हार्वेस्टिंग का ज्यादा से ज्यादा उपयोग कर भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्य करें।परंपरागत सिंचाई क्षमता को फिर से पुनजीर्वित करने के लिये आहर, पईन,पोखर का जिर्णोद्धार जल संचयन हेतु जल-जीवन-हरियाली अभीयान के अंतर्गत कराया जा रहा है। इस कार्य में भी तेजी लायें। वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं के माध्यम से सिंचाई क्षमता को और बढायें।खेतों की सिंचाई के लिए इच्छुक किसानो को एग्रीकल्चर फीडर के माध्यम से विद्युत कनेक्षन उपलब्ध कराये जा रहे है ताकि उन्हें सिंचाई कार्य में कम खर्च हो। किसानो को सिंचाई करने में डीजल से जहाॅ 100 रूपये का खर्च आता है, वहीं बिजली से मात्र 5 रूपये का ही खर्च आता है।सिंचाई हेतु इस्तेमाल किये जाने वाले स्टेट ट्यूबवेल पंचायतों को ट्रांसफर किये जा चुके हैं । इससे किसानों को सिचाई में सुविधा मिलेगी ।चैर क्षेत्र के एक भाग में जल संचयन हेतु नीचे मछली, ऊपर बिजली के कॉन्सपेट पर तेजी से काम करें। साथ ही साथ उसके दूसरे भाग में फल, सब्जी एवं अन्य फसलों की खेती कार्यो काे बढ़ावा दें, इससे दुगुना फायदा होगा । सिंचाई के अत्याधुनिक पद्धतियाें काे भी अपनाकर जल के उपयोग की दक्षता में वृद्धि करें  अधिकतम सिंचन क्षमता का विकास करें।शहरी क्षेत्रों के निचले इलाको में ग्राउंड वाटर हार्वेयसृस्टिंग का कार्य करें, इससे जलजमाव से निजात मिल सकेगी तथा भू-जल स्तर भी मेनटेन रहेगा। बागमती बाढ़ प्रबंधन योजना फेज-3 बी एवं 5 के प्रस्तुतीकरण के क्रम में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि तटबंधाें के निर्माण के दौरान उसकी मजबूती के लिए यथासंभव आयरन सीट पायलिंग का प्रयाेग करें।कुषेष्वरस्थान में बाढ़ से सुरक्षा एवं जलनिकासी के लिये सुदृढ़ीकरण का कार्य शीघ्र करे

धीरज झा