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श्रमिकों के लिए रोजगार कैंप का आयोजन किया गया जिसमें सरकारी एवं प्राइवेट नियोक्ता शामिल हुए।

श्रमिकों के लिए रोजगार कैंप का आयोजन किया गया जिसमें सरकारी एवं प्राइवेट नियोक्ता शामिल हुए।



कोविड-19 के कारण राज्य के बाहर रोजगार करने वाले श्रमिक अपने घर वापस आए। पटना जिला अंतर्गत  बाहर से आए हुए लगभग 17500 श्रमिकों का निबंधन एवं स्किल सर्वे किया गया।
जिलाधिकारी की महत्त्वपूर्ण पहल एवं  निर्देशन में बाहर से आए श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराने हेतु रोजगार शिविर का आयोजन करने तथा सरकारी विभागों एवं प्राइवेट संस्थाओं को नियोजन शिविर में श्रमिकों की मांग के अनुरूप काउंसलिंग के आधार पर नियोजित करने का अभियान चलाया गया।
इस क्रम में शनिवार को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र पटना में  रोजगार कैंप का आयोजन कर नियोजन पत्र का वितरण किया गया।
शनिवार को आयोजित रोजगार कैंप में 61 श्रमिकों को जिलाधिकारी श्री कुमार रवि के कर कमलों द्वारा नियोजन पत्र वितरित किए गए। जबकि अब तक 381 श्रमिकों को रोजगार दिए गए हैं।
शनिवार को आयोजित रोजगार कैंप में सरकारी एवं निजी नियोक्ता तथा विभिन्न संस्थाओं में दिए गए रोजगार का विवरण निम्नवत है-


मनरेगा में11 श्रमिकों को जॉब कार्ड दिया गया।
जीविका  द्वारा 16 श्रमिकों का चयन किया गया जिसमें सेल्स एक्सक्यूटिव के रूप में छह लोगों को नियोजन पत्र दिया गया।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा कुल 107 लोगों को नियोजित किया गया।भवन निर्माण विभाग पटना प्रमंडल द्वारा तीन लोगों को नियोजित किया गया।ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा  31 लोगों को नियोजित किया गया। पाइनेक्स स्टील इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड विचार द्वारा तीन व्यक्ति नियोजित।नवभारत फर्टिलाइजर लिमिटेड द्वारा 10 लोगों का चयन जिसमें तीन व्यक्ति को सेल्स एक्सक्यूटिव के रूप में नियोजित किया गया।शिव शक्ति बायो टेक्नोलॉजी लिमिटेड द्वारा 7 लोगों का चयन जिसमें चार व्यक्ति को नियोजन पत्र दिया गया।अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के प्रतिनिधि के द्वारा 150 वांछित श्रमिकों के लिए 10 श्रमिकों का चयन किया गया।शिवम पॉलीट्यूब इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा 10 लोगों की वांछनीयता के विरुद्ध दो का चयन किया गया।केजीएन इंटरप्राइजेज पटना सिटी के द्वारा रेडीमेड गारमेंट्स हेतु 100 लोगों की सूची तैयार की गई। जिसे रोजगार देने की व्यवस्था करने की सूचना दी गई।वित्तीय सहायता हेतु एलडीएम पटना को निर्देशित किया गया तथा अगले नियोजन मेला में पूरी तैयारी के साथ भाग लेने का निर्देश दिया गया।रेडियंस टीज 41 व्यक्ति में से आठ का चयन किया गया। महत्वपूर्ण विभाग-श्रम एवं नियोजन /उद्योग विभाग/ भवन निर्माण विभाग/ लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग/ ग्रामीण कार्य विभाग /जीविका /ग्रामीण विकास विभाग /पुल निर्माण निगम आदि है।इसी क्रम में जिला औद्योगिक नवप्रवर्तन योजना सरकार द्वारा लागू की गई है। इस योजना के तहत राज्य से बाहर से आए मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का कार्यक्रम है इस योजना में जिला को 50लाख रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है ।योजना अंतर्गत श्रमिकों के समूह को उनके कौशल के आधार पर चिन्हित कर न्यूनतम 10  एवं अधिकतम 50 के समूह को लघु उद्योग की स्थापना कर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। प्रति इकाई अधिकतम ₹1000000 परियोजना व्यय निर्धारित किया गया है।रोजगार मेला में उप विकास आयुक्त  रिची पांडेय, अपर समाहर्ता आपदा  मृत्युंजय कुमार महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र  उमेश कुमार जिला जनसंपर्क पदाधिकारी  प्रमोद कुमार जिला योजना पदाधिकारी  निर्मला कुमारी जिला नियोजन पदाधिकारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक जीविका सहित तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंतागण तथा प्राइवेट नियोक्तागण सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए श्रमिकगण थे।