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बज्रपात से बचाव एवं राहत हेतु ऑनलाईन सलाह कार्यक्रम का आयोजन।।

बज्रपात से बचाव एवं राहत हेतु ऑनलाईन सलाह कार्यक्रम का आयोजन।।



 बिहार राज्य में बज्रपात, ठनका या आकाशीय बिजली गिरने से एक ही दिन में 100 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गयी है तथा हजारों घायल हैं। मौसम विभाग के अनुसार ऑधी-पानी  के साथ बज्रपात की संभाबना बनी हुई है। अतः बज्रपात से बचने के लिए सावधानी बरतना अति आवश्यक है। बज्रपात से होनेवाली हानियों को कम करने एवं इससे बचाव हेतु संकुल संसाधन केन्द्र, मध्य विद्यालय रमना, गुलजारबाग, पटना से संबद्ध विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के लिए संकुल समन्वयक सूर्य कान्त गुप्ता के द्वारा ऑनलाईन सलाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बताया कि यदि आप खुले स्थान पर हैं, तो ऑधी पानी आने पर तत्काल किसी पक्के मकान में चले जाय, ऊँचे बृक्ष के नीचे, मोबाइल टॉवर, बिजली एवं टेलीफोन के खंभों के नीचे या पास में कदापि नहीं जाय, क्योंकि ये सब बज्रपात को अपनी ओर खींच लेते हैं। तालाब व अन्य जलाशयों से दूर रहें। बिजली की सुचालक वस्तुओं से दूर रहें, बिजली से चलने वाले उपकरणों से दूर रहें व उन्हें बंद कर दें। घर के छत पर नहीं जायें, खिड़कियॉ, दरवाजे व बरामदे से भी हट कर रहें। धातु की डंडी वाले छाता का उपयोग नहीं करें। आप जहॉ भी हों, पैरों के नीचे सुखी चीजें, यथा - लकड़ी, प्लास्टिक, जुट के बोरे, सुखे पत्ते इत्यादि रख लें, ताकि आकाशीय बिजली को अर्थिंग नहीं मिल सके। जमीन पर कभी भी मत लेटें। समुह में खड़े नहीं हों, अलग-अलग 5 फीट की दूरी बनाकर खड़े रहें।आकाशीय बिजली के चपेट में आने पर मृत्यु का तात्कालिक कारण हृदयाघात है, अतः प्राथमिक चिकित्सा के रूप में सी.पी.आर.(कार्डियो पल्मोनरी रिससीटेशन) दिया जा सकता है, परन्तु पहले यह सुनिश्चित कर लें कि प्रभावित व्यक्ति के शरीर से विद्युत का प्रवाह नहीं हो रहा हो तथा उनका नाड़ी और श्वास चल रही हो। उन्हें जरुरत के मुताविक कृत्रिम श्वास भी दिया जा सकता है। उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या अस्पताल ले जायें। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी करते हुए काफी तकनीकि प्रश्न कर बज्रपात उत्पन्न होने के कारण, सुचालक-कुचालक वस्तुओं की जानकारी,अर्थिंग, तड़ित चालक, सी.पी.आर.आदि के बारे में भी जाना। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षिका कनीज फातमा एवं मो.आरीफ जमाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा

पटना सिटी
गजेंद्र सिंह