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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कार्यरत फॉर्मासिस्ट और एएनएम का आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कार्यरत फॉर्मासिस्ट और एएनएम का आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल।




पटना : राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत कार्यरत फार्मासिट और एएनएम 29 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं । इनकी मांग है कि आयुष चिकित्सकों की तरह इनका भी मानदेय बढ़ाया जाए । राज्य में संविदा पर कार्यरत फॉर्मासिस्ट और एएनएम को जो मानदेय मिलता है । वहीं इन्हें भी दिया जाए । अपनी मांगों को लेकर ये लोग पिछले 14 दिनों से होम क्वारांटाइन थे । ये लोग हाईकोर्ट भी गए थे । लेकिन हाईकोर्ट ने पहले इनलोगों को सक्षम पदाधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखने को कहा, तब अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन, बिहार और आरबीएसके एएनएम संघ मुख्यमंत्री , स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक आदि को ज्ञापन सौंपा । जिसमें इनलोगों ने आयुष चिकित्सकों की तरह मानदेय बढ़ाने की मांग की । लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर हड़ताल पर जाने की घोषणा की।

*2015 में हुई थी नियुक्ति*

 राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2015 में 2136 आयुष चिकित्सकों, 1068 फॉर्मासिसट और 1068 एएनएम की बहाली की गई थी । तब इनका मानदेय क्रमश: 20 हजार, 12 हजार और 11,500 रुपए था। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन, बिहार के महासचिव राजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि, 7 दिसंबर 2018 को राज्य में संविदा पर नियुक्त एलोपैथ प्रक्षेत्र चिकित्सकों के मानदेय के बराबर आरबीएसके में नियुक्त आयुष चिकित्सकों को भी मानदेय देने का आदेश निर्गत किया गया । लेकिन आरबीएसके फार्मासिट और एएनएम को छोड़ दिया गया । मानदेय में वृद्धि के लिए कई बार अधिकारियों से अनुरोध किया गया । लेकिन कुछ नहीं हुआ ।

*क्या है राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम*

 राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी से लेकर स्कूल तक के बच्चों का स्वास्थ्य जांच किया जाता है। किसी तरह की त्रुटि पाए जाने पर उनका तुरंत इलाज किया जाता है। इसके लिए हर प्रखंड में आयुष चिकित्सक, फॉर्मासिस्ट और एएनएम की नियुक्ति की गई है।

पटना सिटी
गजेन्द्र सिंह