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लॉकडाउन पीरियड का किराया भुगतान करे राज्य सरकार, भुगतान नही की तो जाएंगे हाई कोर्ट -  रजनीश तिवारी जाप (लो०)।

लॉकडाउन पीरियड का किराया भुगतान करे राज्य सरकार, भुगतान नही की तो जाएंगे हाई कोर्ट - रजनीश तिवारी जाप (लो०)।


पटना : कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से जहां पूरा विश्व त्रस्त है लोग भय और आतंक के माहौल में जी रहे हैं बिहार में भी इसका खासा नुकसान नजर आ रहा है विदित हो कि केंद्र सरकार ने ढ़ाई महीने तक लॉकडाउन लगाया था इस लॉकडाउन से सीधा असर मध्यम परिवार, गरीब, किसानों पर परा लोग अभी तक आर्थिक रूप से रिकवरी नहीं कर पाए वही पटना में लॉज एवं छात्रावास में रह रहे छात्र- छात्राओं पर मकान मालिकों ने किराए के लिए उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया जबरन किराया वसूली किया जा रहा है ।इस पर जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक के युवा प्रदेश प्रवक्ता रजनीश तिवारी ने बयान जारी कर कहा है कि, पटना में रह रहे विद्यार्थियों को मकान मालिक जबरन किराया मांग रहे हैं । किराए नहीं होने पर उन्हें मकान खाली करने के लिए कहा जा रहा है । इतने दिनों तक जब लॉकडाउन रहा उस समय लोग आर्थिक तंगी का शिकार होते रहें। पटना में रह रहे छात्र-छात्राएं जो कि अन्य जिलों से आकर राजधानी पटना में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं । सभी किसान मध्यमवर्गीय और गरीब परिवार से जुड़े रहते हैं उन्हें इन तीन महीनों का किराया अचानक कहां से चुका पाएंगे ।रजनीश तिवारी ने कहा कि किराया के लिए छात्रों को मकान मालिक छात्रावास के ऑनर द्वारा यह कहा जा रहा है कि उन्हें जल्द से जल्द सभी महीनों का बकाया भुगतान करना होगा जो कि छात्रावास और लॉज में रह रहे छात्र भुगतान करने में असमर्थ हैं। उनके घर की हालत भी नाजुक है और लगातार इस प्रकार की शिकायतें जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद श्री राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के समक्ष छात्र-छात्राएं लेकर आ रहे हैं । वे सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं उनका लॉकडाउन पीरियड के 3 महीने मार्च से जून तक का किराया माफ किया जाए या उसका भुगतान एक टीम गठित कर सरकार करें क्योंकि छात्र-छात्राएं असमर्थ है और उन्हें सरकार से उम्मीदें हैं ।रजनीश तिवारी ने पटना के सभी छात्रावास लॉज मालिकों से अनुरोध किया है कि छात्रों की मजबूरी को समझते हुए और उनकी आर्थिक पिछड़ेपन और तंगी के कारण जो उनकी स्थिति है उसको समझते हुए किराया को माफ कर देनी चाहिए या उसे कुछ महीनों तक इंस्टॉलमेंट में लेनी चाहिए । किराए के लिए किसी भी छात्र-छात्राओं को मकान से निकालना या उन पर मानसिक दबाव डालना यह सही नहीं है और यह कानूनन जुर्म है। हम सभी से मांग करते हैं कि लोग मानवता और इंसानियत दिखाते हुए इन तीन महीनों का रूम रेंट माफ कर दें । जब छात्र इतने वर्षों से रह रहे हैं और लगातार किराया देते आ रहे हैं तो इस विपदा के समय में भी किराए के लिए दबाव बनाना सही नहीं है । साथ ही साथ रजनीश तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग किया है कि राज्य के छात्र-छात्राएं जो अपने घर से दूर पटना में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं बिहार के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहा है। उन छात्र-छात्राओं का किराया सरकार भुगतान करें। यह नियम बनाकर मकान मालिकों से यह मांग करे की लॉकडाउन पीरियड किराया नहीं लिया जाए नहीं तो जन अधिकार पार्टी मकान मालिकों और सरकार के इस रवैया के खिलाफ एक सप्ताह के अंदर हाई कोर्ट में याचिका दायर करेगी सरकार के छात्र विरोधी रवैया खुलकर सामने आ रहा है और छात्र सरकार के खिलाफ आक्रोशित हैं जिन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सत्ताधारी पार्टियों को इसका खामियाजा बिहार विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा ।
धीरज झा