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बिहार के शेल्टर होम्स मामले में जिलाधिकारियों पर कार्रवाई हो - आप आदमी पार्टी।।

बिहार के शेल्टर होम्स मामले में जिलाधिकारियों पर कार्रवाई हो - आप आदमी पार्टी।।


पटना : आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष सुशील सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बिहार के शेल्टर होम्स मामले पर सीबीआई की रिपोर्ट को दबाने का आरोप लगाया है और जानबूझकर कई जिलाधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।उल्लेखनीय है कि बिहार के शेल्टर होम्स में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के मामले में सीबीआई ने राज्य के कई जिलों के जिलाधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और इस संबंध में अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सौंप दी है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है जिसमें उन प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष सुशील सिंह ने बताया कि सीबीआई को बिहार के 17 शेल्टर होम्स में महिलाओं के यौन और शारीरिक उत्पीड़न की जांच सौंपी गई थी। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने अपनी जांच में बिहार के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के गठजोड़ को भी उजागर किया है और इस संबंध में 13 की फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में सौंप दी है। इसके पूर्व सीबीआई ने बिहार सरकार को लापरवाह सरकारी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और दोषी पाए गए एनजीओ को ब्लैक लिस्ट करने की अनुशंसा की थी।प्रदेश अध्यक्ष ने नीतीश सरकार पर आरोप लगाया कि वह इन दोषी प्रशासनिक अधिकारियों को बचा रही है और कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रही है, जबकि नैतिकता का तकाजा है कि उन दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए थी।यह भी गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2018 के नवंबर में सीबीआई को मुजफ्फरपुर के साथ- साथ बिहार के 16 और शेल्टर होम की जांच करने को कहा था. टाटा इंस्टीच्यूट ऑफ सोशल साइंसेस (TISS) की जांच में इन सबमें गड़बड़ी पाई गई थी। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम के मामले में ट्रायल कोर्ट ने 19 लोगों को सजा सुनायी है ।मुख्य प्रवक्ता डॉ शशिकांत ने बताया कि सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दायर ताजा रिपोर्ट में कहा है कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक मुजफ्फरपुर के अलावा 16 और शेल्टर होम की जांच की गई। इन मामलों में 12 केस दर्ज किए गए जबकि चार शेल्टर होम की जांच-पड़ताल की गई। सीबीआई ने जिन जिलों के शेल्टर होम की जांच की उनमें पटना,गया और भागलपुर समेत 10 जिले शामिल है। सीबीआई के अनुसार जिन चार शेल्टर होम में प्रारंभिक जांच की गई वहां कोई आपराधिक मामला नहीं पाया गया, लेकिन सीबीआई ने सरकारी अधिकारियों की गंभीर लापरवाही पकड़ी है ।
उन्होंने बताया कि सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में जांच के दौरान बिहार सरकार के कई अधिकारियों की गंभीर लापरवाही सामने आयी है। बिहार में शेल्टर होम चला रहे एनजीओ की भी भूमिका उजागर हुई है। सीबीआई ने बिहार सरकार को लापरवाह सरकारी अधिकारियों के नाम भेजे हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा भी की है। वहीं, शेल्टर होम चलाने वाले एनजीओ के नाम भी बिहार सरकार को भेज दिये गए हैं। सरकार से ऐसे एनजीओ और उनके संचालकों को ब्लैक लिस्टेड कर भविष्य में कोई भी सरकारी काम नहीं देने की अनुशंसा की है। प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष सुशील सिंह, मुख्य प्रवक्ता डॉ शशिकांत, उपाध्यक्ष अमित कु सिंह, प्रदेश मीडिया कोऑर्डिनेटर मृणाल कु राज उपस्थित थे ।

धीरज झा