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मिथिला स्टूडेंड यूनियन समेत कई बड़े समाजिक संगठनों का मिला सहयोग।

मिथिला स्टूडेंड यूनियन समेत कई बड़े समाजिक संगठनों का मिला सहयोग।

दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनावी तैयारी में जुटे रजनीकांत पाठक
मिथिला स्टूडेंड यूनियन समेत कई बड़े समाजिक संगठनों का मिला सहयोग
धीरज झा
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के रण में रजनीकांत पाठक का जलवा बढ़ता ही जा रहा है। पूरी तैयारी के साथ इस बार दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनावी तैयारी में जुटे रजनीकांत पाठक को मिथिला स्टूडेंट यूनियन समेत कई बड़े सामाजिक संगठनों का भी सहयोग मिला है। युवाओं में इनकी लोकप्रियता अच्छी खासी है साथ ही साथ सघन जनसंपर्क अभियान के तहत इन्होंने समस्तीपुर, बेगूसराय, दरभंगा और मधुबनी के वोटरों के बीच अपनी अच्छी खासी पहचान बनाई है। बिहार के बेगूसराय जिले के बखरी के रहने वाले रजनीकांत पाठक की पहचान मिथिलांचल में एक लोकप्रिय समाजसेवी के रूप में है। मैथिली फिल्म लव यू दुल्हन के निर्माता के तौर पर इन्होंने मैथिली भाषा के उत्थान के क्षेत्र में भी पदार्पण किया। हाल ही में इनके पिता समाजवादी आंदोलन के जनक दिनेश पाठक जी का निधन हो गया था। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इनके घर मातमपुर्सी में पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने रजनीकांत जी और उनके भाइयों से कहा कि, जब दिनेश पाठक जी पटना में भर्ती थे तो आप लोगों ने मुझे सूचना क्यों नहीं दी। जिन लोगों के पिता ने मुख्यमंत्री के साथ प्रारंभिक दिनों में संघर्ष किया हो और कभी कुछ ना मांगा हो उनके पुत्र पर भी उनके आदर्श जरूर कायम रहते हैं और इस कहावत को रजनीकांत पाठक ने सिद्ध किया है। पाठक जी ने समाजवादी आंदोलन के प्रणेता दिनेश पाठक जी के इस पुत्र ने दिल्ली के फैक्ट्रियों में मजदूरी तक की, बाद में कई पुस्तकों का लेखन भी किया। स्वच्छ और जुझार छवि के रजनीकांत पाठक लोगों से सीधे कनेक्ट दलीय राजनीति से दूर निर्दलीय ताली नहीं थक रहे बल्कि हर घर हर दरवाजे पर दस्तक देकर लोगों को इस बात का भी अहसास करा रहे हैं कि जनतंत्र में जनता ही मालिक है और स्नातक मतदाताओं को उनके अधिकारों के बारे में बता रहे हैं कि वे केवल वोट बैंक नहीं जो केवल चुनाव के समय याद किए जाएं बल्कि आपके द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों को आपके हक के लिए सदन के अंदर और बाहर भी लड़ाई लड़नी होती है।