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चर्चित अमन व आदित्य हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा,तीन आरोपी गिरफ्तार।।

चर्चित अमन व आदित्य हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा,तीन आरोपी गिरफ्तार।।

*मुंगेर (बिहार) : चर्चित अमन व आदित्य हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा,तीन आरोपी गिरफ्तार*



बिहार ब्यूरो धीरज झा की रिपोर्ट
मुंगेर : चर्चित अमन और आदित्य हत्याकांड का मुंगेर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बताया कि आपसी रंजिश में हुई थी हत्या। जिसमें 3 आरोपी गिरफ्तार कर लिये गये हैं। जबकी अन्य की तलाश जारी है। मुंगेर पुलिस के अनुसार दोस्त ने धोखे से सुल्तानगंज ले जाकर शराब पिलाकर शव को गंगा नदी में फेंक दिया।

बता दें कि मुंगेर जिला अंतर्गत तारापुर थाना क्षेत्र के परभरा गांव से लापता हुए अमन कुमार और आदित्य कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने अब तक तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्याकांड में शामिल रुस्तम यादव, अंबुज यादव और ऋषभ सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार किया गया है। हत्याकांड में शामिल दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की स्पेशल टीम छापामारी कर रही है।

वहीं मुंगेर पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने बताया कि तारापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत परभरा गांव के रहने वाले अमन कुमार और आदित्य कुमार को 17 तारीख को उसके गांव के ही कुछ लोगों ने धोखे से बुलाकर सुल्तानगंज ले जाने के बाद हत्या कर दी थी। इस मामले में परिजनों ने अपहरण की प्राथमिकी तारापुर थाने में दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में सात लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। जिला सूचना इकाई प्रभारी शैलेश कुमार के नेतृत्व में गठित स्पेशल टीम में संग्रामपुर थानाध्यक्ष सर्वजीत कुमार, असरगंज थानाध्यक्ष स्वयंप्रभा, तारापुर थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार, हरपुर थानाध्यक्ष कमल किस्कू के अलावा जिला आसूचना इकाई के जवान शामिल थे।

वहीं अनुसंधान के दौरान प्राथमिकी नामजद अभियुक्त अंबुज यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अंबुज यादव से पूछताछ के दौरान ऋषभ कुशवाहा की संलिप्तता सामने आने के बाद उसे भी हिरासत में लिया गया। दोनों से पूछताछ के बाद मामले का खुलासा हुआ। गांव के आपसी विवाद राम सिंह कुशवाहा ने यह साजिश रची थी। मृतक अमन के पिता पंकज सिंह कुशवाहा का विवाद गांव के ही और राम सिंह से था। इसी विवाद के कारण विकास सिंह और राम सिंह ने हत्या की साजिश रची थी। अंबुज यादव से पूछताछ के बाद पुलिस ने सुल्तानगंज थाना अंतर्गत तिलकपुर इमामबाड़ा के पास गंगा नदी के किनारे से एक शव बरामद किया। दूसरा शव बरामद नहीं किया जा सका है। अमन और आदित्य की हत्या कर शव गायब करने के मामले में फरार अभियुक्तों की तलाश में पुलिस द्वारा छापामारी की जा रही है।

वहीं परभरा गांव निवासी राम सिंह का विवाद मृतक अमन के पिता पंकज सिंह और आदित्य के पिता रवीन्द्र सिंह से चल रहा था। जमीन और दूसरे कारणों के विवाद के बाद राम सिंह ने पंकज सिंह और रवीन्द्र सिंह को सबक सिखाने के इरादे से अमन की हत्या की योजना बनाई थी। राम ने गांव के ऋषभ और अंबुज को धमकाकर इस योजना में शामिल किया था। 10 जुलाई को राम सिंह और उसके साथियों ने ऋषभ और अंबुज से मिलकर इस  हत्या की योजना बनाई थी और दोनों लगातार संपर्क में थे. 17 जुलाई को ऋषभ और अंबुज ने अमन और आदित्य को तारापुर आने ने एक दिन पहले ही सुल्तानगंज थाना अंतर्गत तिलकपुर इमामबाड़ा के पास सुनसान बगीचे वाली जगह देख ली थी। सुल्तानगंज तिलकपुर इमामबाड़ा पहुंचने के बाद आदित्य और अमन को शराब पिलाई गई। ऋषभ और अंबुज ने साथियों के साथ मिलकर साजिश के तहत दोनों को शराब के नशे में धुत कर दिया गया। हत्यारों ने भी शराब पी लेकिन काफी कम मात्रा में शराब हत्यारों के द्वारा सेवन किया गया था। इस समय तक अमन और आदित्य को हत्या या किसी साजिश की भनक तक नहीं लग पाई थी। शराब पिलाने के बाद आदित्य को नहाने के बहाने गंगा नदी में ले जाया गया। ऋषभ और अंबुज योजना के तहत आदित्य को लेकर गंगा नदी में गए थे। नहाने के दौरान ही आदित्य और अमन को मारकर शव को गंगा नदी में बहा दिया गया।

जहां पुलिस द्वारा गिरफ्तार अंबुज यादव की निशानदेही पर शव को गंगा नदी के किनारे से बरामद किया गया। शव गंगा नदी के किनारे बरसाती पौधों में फंसा हुआ था। ऋषभ और अंबुज की निशानदेही पर शराब की बोतल, सिगरेट के पैकेट और ग्लास भी बरामद किए गए हैं।

*ऋषभ और अंबुज ने कबूला जुर्म*

वहीं मामले में गिरफ्तार ऋषभ सिंह कुशवाहा और अंबुज यादव ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पूछताछ में दोनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है तथा बताया कि राम सिंह ने ही इस हत्याकांड की योजना बनाई थी। ऋषभ के अनुसार उसके भाई की हत्या की धमकी देकर उसे डरा दिया था और अपनी योजना में शामिल कर लिया गया था। ऋषभ ने अंबुज यादव को अपने साथ मिलाया था। ऋषभ और अंबुज के स्वीकारोक्ति बयान तथा वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन के अनुसार इस घटना का खुलासा पुलिस द्वारा किया गया है। हत्या में आपस में बातचीत के लिए अंबुज यादव के मोबाइल फोन का ही इस्तेमाल हुआ था और उसी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर मृतकों को बुलाया गया। वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन के दौरान ही हत्याकांड में दूसरे अभियुक्तों के शामिल होने की पुष्टि हुई है।

*इलाके में जातीय तनाव पैदा करने की बहुत बड़ी साजिश नाकाम*

दोहरे हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त राम सिंह ने मृतकों के परिवार से अपनी निजी दुश्मनी साधने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिलवाया था। साजिश के तहत उसने इस हत्याकांड में दूसरे समुदाय के लोगों को शामिल किया। हत्या के बाद गांव में जातीय तनाव पैदा करने की कोशिश भी राम सिंह के द्वारा की गई थी। पुलिस ने समय रहते न सिर्फ मामले का उद्भेदन किया बल्कि इलाके में विधि- व्यवस्था बिगाड़ने तथा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की एक बड़ी साजिश को भी निष्फल कर दिया है। पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने बताया कि इस मामले के उद्भेदन और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए बनाई गई स्पेशल टीम ने काफी कम समय में इस मामले का खुलासा किया है। वहीं पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने पूरी टीम को पुरस्कृत करने की बात कही है।