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स्वास्थ्य व्यवस्था लचर,बिहार सरकार बेअसर- डॉ. पंकज गुप्ता।

स्वास्थ्य व्यवस्था लचर,बिहार सरकार बेअसर- डॉ. पंकज गुप्ता।

स्वास्थ्य व्यवस्था लचर,बिहार सरकार बेअसर- डॉ. पंकज गुप्ता।

पटना
 धीरज झा
पटना : आम आदमी पार्टी चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ पंकज गुप्ता ने कहा कि बिहार में कोरोना महामारी अपने तांडव दिखा रही है और बिहार की जनता इस महामारी से अपने आप को बचाने में काफी असहाय महसूस कर रही है। देश में कोरोना महामारी को आए हुए आज 6 से 7 महीने होने को जा रहे हैं। सभी राज्यों की सरकारों अपने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी ऐतिहासिक कदम उठाएं हैं। खासकर दिल्ली की सरकार ने कोरोना महामारी के बचाव में जो भी काम किया उसकी सराहना खुद देश के प्रधानमंत्री व गृहमंत्री तक ने की।लेकिन बिहार की निकम्मी सरकार ने अपनी संवेदनहीनता और अदूरदर्शिताका परिचय देते हुए इस महामारी से बचाव के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया। पूरे बिहार में कोरोना संक्रमण से संक्रमित मरीजों की देखभाल के लिए न तो सरकारी स्तर पर किसी मेडिकल कॉलेज या अस्पतालों को पूर्ण रूप से तैयार किया गया है और ना ही प्राइवेट अस्पतालों को इस महामारी से बचाव के लिए कोई विशेष दिशा निर्देश दिया गया है करीब 14 करोड़ की आबादी वाले बिहार की जनता के लिए सिर्फ तीन मेडिकल कॉलेज को तैयार करने का निर्देश मिला था जो कि काफी कम है लगभग ऊंट के मुंह में जीरे के समान है ।
पंकज ने आगे कहा कि यहां के अस्पतालों में कोरोना से लड़ने के लिए जरूरी सुविधाएं जैसे- मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर, स्पेशल एंबुलेंस के लिए इन सब चीजों का अभाव है। चिकित्सकों को महामारी से बचाव के लिए उपकरणों या अन्य आवश्यक जरूरी सामान की मांग करते हैं तो नीतीश को सरकार अपने तुगलकी आदेश से या तो उन्हें निलंबित कर देती है या उनकी आवाज को दबा देती है यह बहुत ही गंभीर व सोचनीय विषय है ।इससे चिकित्सकों में करोना का संक्रमण लगातार फैल रहा है यह एक कड़वी सच्चाई भी है ।कोरोना संक्रमण के मरीजों के इलाज के उपरांत जो उपकरण इस्तेमाल हो रहा है जैसे 'पीपीई किट' उन सब को निष्पादित करने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है जो कि बायो मेडिकल वेस्ट है उसे खुले में फेंका जा रहा है जिससे संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है। पूरे राज्य की कोरोना संक्रमण से लड़ने की व्यवस्था सिर्फ एक एम्स के सहारे टिकी हुई है। बिहार सरकार के मंत्रियों व उनके परिजन संक्रमण से ग्रसित लोगों का ही इलाज हो पा रहा है। आज आम जनता के लिए इस अस्पताल में कोई बेड नहीं है और यह लोग एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर काटने को मजबूर हैं। उनके इलाज के लिए बिहार सरकार कोई व्यवस्था नहीं कर पाई है। इस महामारी से लड़ने के लिए जो हमारे कोरोना योद्धा हैं सरकार ने उनके लिए जो वादे किए थे डबल सैलरी, खाने-पीने का इंतजाम, मुहैया कराने का जो वादा किया था वह पूरा करना तो दूर की बात है। बल्कि उन्हें सैलरी से भी वंचित रखा जा रहा है या बिहार सरकार के लिए काफी शर्मनाक बात है ।जब राजधानी का यह हाल है तो बिहार के दूसरों जिलों में पंचायत स्तर पर ,ब्लॉक स्तर, पर क्या हाल होगा यह अपने आप में अंदाजा लगाया जा सकता है।     
पंकज ने कहा कि एक तरफ बिहार की जनता बेरोजगारी व महामारी से परेशान हैं तो दूसरी तरफ बिहार सरकार अपनी संवेदनहीन सोच को परिलक्षित करते हुए चुनाव की तैयारी में लगी हुई है। आम आदमी पार्टी यह मांग करती है कि होम आइसोलेशन व्यवस्था, प्लाज्मा बैंक की स्थापना की जाए और प्रतिदिन कम से कम 200000 टेस्टिंग की व्यवस्था की जाए। कोरोना बेड की संख्या अति शीघ्र बढ़ाई जाए। आम आदमी पार्टी शीघ्र हीहेल्पलाइन नंबर जारी करेगी जो कि बिहार की जनता को कोरोना से संक्रमित मरीजों को उचित सलाह देगी।