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हजारीबाग (झारखंड) : उपायुक्त ने की जिलास्तरीय पदाधिकारिओं के साथ कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक,दिए कई निर्देश*

हजारीबाग (झारखंड) : उपायुक्त ने की जिलास्तरीय पदाधिकारिओं के साथ कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक,दिए कई निर्देश*


By: बिहार/झारखंड ब्यूरो चीफ़ धीरज झा

हजारीबाग आशीष कृष्णन की रिपोर्ट

हजारीबाग के सूचना भवन सभागार में उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद ने जिलास्तरीय विभागों के कार्य प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक की। 

उन्होने विभागवार समीक्षा के दौरान शिक्षा विभाग से मध्याह्न भोजन, पाठ्य पुस्तकों के वितरण की स्थिति, डिजीटल स्मार्ट क्लास, सहित स्कूलों में बिजली कनेक्शन, शौचालय, पानी आदि की उपलब्धता की विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश ज़िला शिक्षा अधिकारी को दिया। सुदूरवर्ती व वन क्षेत्रों के गाँवों में शिक्षा की सुलभता की जानकारी देने को कहा। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभुकों किसी तकनीकी कारणों से बंद पेंशन को KYC आदि प्रक्रिया पूरी करने में अग्रणी बैंक प्रबंधक से समन्वय स्थापित कर पेंशन चालू कराने का निर्देश सामाजिक सुरक्षा अधिकारी को दिया। विशेष केंद्रीय सहायता स्कीम अंतर्गत आधारभूत संरचना निर्माण कार्य से सम्बंधित अलग अलग कार्यकारी एजेंसी के बैंक खाता में राशि संधारण की जगह एक केंद्रीयकृत बैंक खाता में राशि रखने का निर्देश ज़िला योजना अधिकारी को दिया। साथ ही कार्यकारी एजेंसियों को अतिरेक राशि को जमा करने का निर्देश दिया। ग्रामीण विधुतीकरण योजना की समीक्षा के क्रम में ग़ैर-विधुतीकृत 11 गाँवों में सोलर लाइट के प्रस्ताव के जगह वन विभाग से एनओसी लेकर बिजली पहुचाने को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। इसके अलावा नए समाहरणालय के प्रवेश द्वार पर 11 हज़ार बिजली तार को शिफ़्ट करने में भवन प्रमंडल से समन्वय बनाकर हटाने का विशेष निर्देश दिया। खेती बाड़ी के मौसम में कृषकों की आवश्यकता के उर्वरक, कीटनाशक दवाओं व बीजो के विक्रय में कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली सहित पीओसी मशीन के बगैर विक्री की शिकायत की जाँच करने व प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निदेश ज़िला कृषि अधिकारी को दिया। 
प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि के लंबित आवेदनों को निर्धारित समय सीमा में स्वीकृति कर लंबित मामलों को शून्य करने का निर्देश दिया। कृषि व अन्य सम्बद्ध विभागों की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों को मिले इसके लिए लाभुक के चयन, योजनाओं के क्रियान्वयन में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जनजागरूकता लाने व पारदर्शिता लाने का निर्देश दिया। 

मौके पर भवन प्रमंडल अथवा अन्य भवन निर्माण के कार्यकारी ऐजेंसी/विभागों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि भवन निर्माण के साथ साथ बिजली, पानी, सड़क, चाहरदीवारी का तकनीकी प्रावधान कराएँ ताकि उपयोगिता सुनिश्चित हो सके। बोरिंग फेल होने की स्थिति में पानी, जलापूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित हो। भवनों का देखरेख हस्तांतरण पश्चात अगले एक वर्ष तक संबंधित संवेदक करेंगे। वन भूमि क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं में विलंब योजनाओं के समाधान के लिए डीएलएओ को सूची बनाकर लंबित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक बुलाने का निर्देश दिया। वहीं इस अवसर पर डीडीसी अभय कुमार सिन्हा, प्रशिक्षु आईएएस सौरभ भुवानिया, अपर समाहर्ता प्रदीप तिग्गा व जिलास्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे।