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मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान के पाक्षिक वर्चुअल सातवीं स्थापना दिवस समारोह आयोजित

मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान के पाक्षिक वर्चुअल सातवीं स्थापना दिवस समारोह आयोजित

 


पटना विवेक चद्र मिश्र ।

मैथिली पुनर्जागरण प्रकाश(रजि.)

पत्रिका के उपक्रम मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान का स्थापना दिवस 9अक्टुबर को है।

 इस उपलक्ष्य में इसबार 'पाक्षिक ONLINE समारोह" मनाई जा रही है।

इसका मूल उद्येश्य पूरे मिथिला में मिथिलाक्षर को व्यवहार और जन-जन जागरुकता लाना है।

 समारोह का उद्घाटन दिनांक 24सितम्बर बृहस्पति के रात्रि 08बजे वरिष्ट साहित्यकार सह उद्घोषक /भारत निर्वाचन आयोगक दरभंगा जिलाक आयकाॅन/ आकाशवाणी दरभंगाक संवाददाता श्रीमान मणिकांत झा जी , वरिष्ठ संरक्षक श्री प्रवीण झा,गायक दीपक झा, संरक्षक जगतरंजन झा,और निर्देशक नरेन्द्र झा के द्वारा मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान के फेसबुक समूह पर LIVE के द्वारा विधिवत् किया गया। मंगलाचरण वैदिक गन्धर्व झा के द्वारा किया गया। यह समारोह 11अक्टुबर रविवार तक चलेगी।

इस पाक्षिक समारोह में 1.प्रथम सप्ताह विडियो सप्ताह : दिनांक 25.092020 से दिनांक 01.102020 तक 

2.दुसरी सप्ताह मिथिलाक्षर लेखन/लिप्यंतरण इमेज सप्ताह : दिनांक 02.10.2020 सं 09.10.2020 तक होगी


प्रथम सप्ताह के दुसरे दिन मिथिला के हास्य कलाकार राधे भाय और जुली झा के द्वारा लाईभ प्रदर्शन किया गया, 27,28 अक्टुबर, को अभियानी के द्वारा कवि सम्मेलन दिन में 4बजे से रात्रि के 10बजे तक किया गया जिसमे कविता पाठ और नाना प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम से समुह पर सभी श्रोता सराबोर हुए।इसमे महिला अभियानी का विशेष भुमिका रही।


दिनांक 04अक्टुबर रविवार को ट्विटर पर मेगाट्रेंड #MithilaksharDiwas किया जाएगा।

इस बीच में युवा अभियानी के द्वारा मिथिलाक्षर लेखन स्पर्धा का आयोजन भी किया जाएगा। 

9अक्टुबर को स्थापना दिवस पर विशेष आयोजन होगी 

दिनांक 11अक्टुबर रविवार को कार्यक्रम के समापन समारोह होगी।

स्थानीय संरक्षक देवही टोल निवासी श्री विवेक चन्द्र मिश्र के अनुसार

मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान के संस्थापक पं. अजय नाथ झा शास्त्री जी अनवरत दिन-रात्री मिथिलाक्षर का सेवा करते है।

अभि तक यह लाखो लोगों तक मिथिलाक्षर पहुँचा चुके है ,सैकड़ो मिथिलाक्षर के मार्गदर्शक तैयार हो चुके है।जो करीब सैकड़ो वाट्सएप समूह के माध्यम से दिन-रात मिथिलाक्षर सिखाने में लगे हुए है।

इस अभियान के माध्यम से वाट्सएप पर त्रैमासिक कोर्स चलती है,।यह त्रैमासिक कोर्स पूर्ण करने पर अभियान के द्वारा मिथिलाक्षर प्रवीण की उपाधि मिलती है।और सम्मान समारोह में प्रमाण पत्र और यथोचित सम्मान दिया जाता है।

महिला अभियानी के लिए अलग समूह संग मार्गदर्शिका होती है।

मिथिलाक्षर प्रवीण के बाद मार्गदर्शक (अर्थात मिथिलाक्षर शिक्षक बन नये अभ्यासार्थी का मार्गदर्शन कराया जाता है),तीन महिना मार्गदर्शन करने पर निर्देशक की उपाधि प्राप्त होती है।

उसके तीन महीना सक्रियता सँ पूर्ण करने पर अभियान का सर्वोच्च उपाधि संरक्षक प्राप्त होती है। इसी तरह से यह अभियान पूरे मिथिला सहित देश विदेशो में रह चुके प्रवासी मैथिल और मैथिलेत्तर भी सुलभता से मिथिलाक्षर सिख चुके है,और अनवरत इस अभियान के जरिए अपनी बिलटी (मृतप्राप्य) हुइ मातृलिपि को पुनः धरातल पर लाने और पूर्ण व्यवहार का संकल्प लेकर माँ मिथिला की सेवा कर रहे है। इसमे वरीष्ट संरक्षक श्री अनिल मिश्र, उग्रेश कुमार झा,ब्रह्मानन्द झा,राघव मिश्र, रुनू मिश्र,रागनि झा, मंजु मिश्र,पंकज कुमार कर्ण, दीपक आनन्द मल्लिक सुधिर झा आदि सभी अभियानी का भूमिका उल्लेखनीय है ।

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