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कृषि सुधार कानून से किसानों के लिए "एक देश एक बाजार का सपना पूरा होगा": अश्विनी कुमार चौबे।।

कृषि सुधार कानून से किसानों के लिए "एक देश एक बाजार का सपना पूरा होगा": अश्विनी कुमार चौबे।।

 कृषि सुधार कानून से किसानों के लिए "एक देश एक बाजार का सपना पूरा होगा": अश्विनी कुमार चौबे।।



पटना 


केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि कृषि सुधार कानून से किसानों का ‘एक देश-एक बाजार’ का सपना भी पूरा होगा। अब देश का किसान अपनी उपज को कहीं भी, किसी को भी और किसी भी कीमत पर बेच सकने के लिए स्वतन्त्र हो गया है। इससे देश के किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।


श्री चौबे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के विभिन्न जिलों के किसानों से बातचीत कर रहे थे। किसान जन संवाद चौपाल कार्यक्रम में पटना, वैशाली, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, शिवहर, समस्तीपुर दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, मोतिहारी, बेतिया, सीतामढ़ी, छपरा, सीवान गोपालगंज के बड़ी संख्या में किसान एवं भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी जुड़े।


कांग्रेसी व अन्य विपक्षी दल किसानों के नाम पर कर रहे हैं राजनीति

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि दशकों तक किसानों को कानून की जंजीरों में जकड़कर रखने वाले लोग, आज किसानों को मिली आजादी से बेचैन होकर उनके नाम पर राजनीति कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने किसानों के हित में कदम उठाए हैं।  कृषि सुधार की वजह से किसानों की आमदनी बढ़ेगी, उन्हें नए अवसर मिलेंगे। दरभंगा सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि कृषि सुधारों के माध्यम से किसानों की दशा में सकारात्मक बदलाव तो होगा ही साथ ही अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से जुड़कर उनके कृषि उत्पादों में भी वृद्धि होगी। सालों तक शासन करने के बाद भी कांग्रेस व उनके सहयोगियों ने किसानों के हित में किसी प्रकार का परिवर्तन करने की जरूरत नहीं समझी। लेकिन आज जब मोदी सरकार द्वारा परिवर्तन किया जा रहा है तो वह जानबूझकर इसका विरोध कर रहे हैं और भ्रामक प्रचार कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि देश का कृषि क्षेत्र, हमारे किसान, हमारे गांव, आत्मनिर्भर भारत का आधार हैं। ये मजबूत होंगे तो आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत होगी। वर्षों तक किसानों के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने वाली और बिचौलियों को राजनीतिक संरक्षण देने वाली पार्टियों को किसानों को मिली स्वतंत्रता हजम नहीं हो रही है। कृषि सुधार के कानून से देश का किसान खुश है और आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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