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किसानों के पसीने की कीमत नहीं समझे नेता जी डाकबंगला चौराहे पर पैरों तले कुचला गया धान।

किसानों के पसीने की कीमत नहीं समझे नेता जी डाकबंगला चौराहे पर पैरों तले कुचला गया धान।

किसानों के पसीने की कीमत नहीं समझे नेता जी डाकबंगला चौराहे पर पैरों तले कुचला गया धान।

पटना

किसान संगठनों के भारत बंद के आह्वान को लेकर जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ता पप्पू यादव के नेतृत्व में इनकम टैक्स गोलंबर पर पहुंचे और वहां से जाप का जुलूस डाकबंगला चौराहा पर पहुंचा। किसानों को अनाज का समर्थन मूल्य सही तरीके से मिले यह नारेबाजी भी होती रही। कार्यकर्ता टोकरी में धान भी लेकर पहुंचे थे। कार्यकर्ता किसानों के समर्थन में नारे लगाते रहे और टोकरी से धान सड़क पर गिरता रहा। किसी किसान द्वारा पसीना बहाकर उपजाया गया यह धान सड़क पर बंद समर्थकों द्वारा कुचला जाता रहा।डाक बंगला चौराहे पर पूर्व विधायक भाई दिनेश एक बोरा धान सिर पर लेकर पहुंचे थे। भाई दिनेश ने बताया के वे भारत बंद के समर्थन में आए हैं। कहीं भी सरकार की ओर से धान की खरीद नहीं हो रही है। सरकार ने 1880 रुपए समर्थन मूल्य तय किया पर धान नहीं ले रही है। हमने जब सवाल किया कि धान की बर्बादी डाकबंगला चौराहा पर क्यों कर रहे हैं तो सफाई उन्होंने कहा कि जगदीशपुर से धान लेकर आए हैं। बोरे में छेद हो जाने की वजह से धान गिर गया है। इसे वे उठा लेंगे। बाद में वे धान उठाते भी दिखे। लेकिन कई कार्यकर्ताओं ने धान की कोई कदर नहीं की और जहां-तहां यह गिरा पड़ा दिखा। एक तरफ किसानों के हक में नारेबाजी होती रही और दूसरी तरफ किसानों की मेहनत के बाद उपजे धान लोगों के जूतों के नीचे कुचला जाता रहा।

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