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किसान विरोधी कृषि कानून वापस लेने की मांग पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन मे धरना दिया गया।।।

किसान विरोधी कृषि कानून वापस लेने की मांग पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन मे धरना दिया गया।।।

 किसान विरोधी कृषि कानून वापस लेने की मांग पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन मे धरना दिया गया।



बबलू कुमार-भोजपुर(आरा) 

किसान विरोधी कृषि कानून वापस लेने की मांग पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन मे धरना दिया गया। आपके बताते चले कि पूरे देश में  केंद्र सरकार के द्वारा किसान कृषि बिल लाने को लेकर भारत की विपक्षी दलों एवं किसान संगठनों के द्वारा आंदोलन और धरना जारी है  इसी क्रम में भोजपुर जिले के आरा सदर प्रखंड मुख्यालय पर अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले किसानों ने आज तीसरे दिन धरना दिया तथा भारतीय खेती किसानी को कम्पनी के हवाले करने के विरोध में प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया। किसान विरोधी कृषि कानून को वापस लेने की मांग पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन मे तथा कृषि बाजार सीमित पुनः बहाल करने की मांग किया । आरा सदर प्रखंड मे धान क्रय केन्द्र खोल कर MSP पर (1868 -- 1888₹) प्रति किवंटल धान खरीद गारंटी की मांग पर था। इस धरना की अध्यक्षता किसान नेता हरेराम सिंह ने किया । आरा सदर प्रखंड मुख्यालय के गेट पर एक सभा का आयोजन हुआ ।


  सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य व इंसाफ मंच के राज्य सचिव क्यामुद्दीन अंसारी ने कहा की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार किसान विरोधी है तथा भारतीय खेती किसानी को नष्ट करने पर तुली है देश का किसान कम्पनी राज के खिलाफ खेती किसानी को बचाने के लिए आंदोलनरत है और हम उस आंदोलन के समर्थन मे आरा मे धरना दे रहे है।माले नेता ने कहा की सरकार वार्ता का दिखावा कर रही है।क्यामुद्दीन अंसारी ने कहा कि हम बिहार मे कृषि विपण्ण सीमित को पुनः बहाल करने की मांग करते है।किसान नेता हरेराम सिंह ने कहा कि हम अपने आंदोलन के बल पर सरकार को बाध्य करेंगे की वे किसानों का धान (MSP 1868₹/किवंटल पर खरीदे। आज के आंदोलन में सामिल किसानों मे कोलेश चौधरी, कामता प्रसाद, भिखारी पासवान, छात्र राजद नेता गुड्डू यादव,राजन उर्फ फैज, इस्लाम खान,कपिलमुनी पड़ीत,हरेराम उर्फ क्रांति, इजहार, सत्यदेव पासवान,रामनिवास बिन्द थे।

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