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सदन में लाठी चले या गोली,लोगो के हक की लड़ाई लड़ती रहूंगी:- अनिता देवी।।

सदन में लाठी चले या गोली,लोगो के हक की लड़ाई लड़ती रहूंगी:- अनिता देवी।।

 सदन में लाठी चले या गोली,लोगो के हक की लड़ाई लड़ती रहूंगी:- अनिता देवी।

राष्ट्रीय जनता दल के द्वारा राजधानी पटना में विधान सभा घेरने कार्यक्रम था जिसमे राजद कार्यकर्ताओं एवं पुलिस के बीच झडप हो गई । पुलिस ने पानी की बौछार से भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी तो मजबूरन पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी।आपको बताते चले कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद कार्यकर्ता ने विधानसभा घेरने की तैयारी में जुटे थे लेकिन सुशासन की पुलिस के बगैर अनुमति लिए प्रतिबंधित क्षेत्र में भारी मात्रा में पहुँच कर विधानसभा कूच के लिए निकल पड़े थे जहाँ डाकबंगला चौराहें पर पुलिस एवं कार्यकताओं के बीच पत्थरबाजी एवं झड़प हो गई मजबूरन पुलिस को लाठियों का सहारा लेकर भीड़ को तीतर बितर करना पड़ा। मौके पर कई कार्यकर्ताओं को गम्भीर चोटे आई हैं जबकि वही कुछ पुलिस कर्मियों एवं मीडिया वालों को भी चोट लगी हैं। कल शाम बिहार विधानसभा में माननीय विधायको पर जिस तरीके से प्रहार किया गया वह लोकतंत्र के इतिहास में काला दिन के रूप में याद किया जाता रहेगा,जिस तरह सदन के कार्यवाही के समय विधान सभा अध्यक्ष के समक्ष विभिन्न मूद्दो सहित बिहार पुलिस विशेष अधिनियम के विरोध में विपक्षी सदस्यों के द्वारा हंगामा करते हुए नारेबाजी की गई और उन्हें कमरे से बाहर धरना प्रर्दशन किया गया उससे ज्यादा भयावह सदन के अंदर पटना डीएम एवं एसपी के नियंत्रण में देकर माननीय सदस्यों के साथ निर्लज्जता से मारपीट की गई। विधान सभा के कई सदस्य जख्मी हो गए। महिलाओं के आग्रह पर सम्पूर्ण राज्य में पूर्ण शराबबंदी कर नए कीर्तिमान स्थापित करने वाले बिहार के मुखिया नीतीश कुमार की पुलिस ने महिला सदस्यों को भी जमकर लताड़ा। सदन में पूर्व मंत्री अनिता देवी के बाल नोचकर घसीटते हुए महिला पुलिस ले जा रही थी वह अमानवीय चेहरा सुशासन सरकार पर बदनुमा दाग जैसा हैं। पूर्व मंत्री एवं नोखा विधायक अनिता देवी ने बताया कि लोकतंत्र के लिए यह काला दिन हैं।पूरा देश जहाँ शाहिद दिवस मना रहा था वहीं बिहार की सरकार के इशारे पर पुलिस विधायको पर जानवरो की तरह प्रहार करती रही। लोकतंत्र में यह सबको अधिकार हैं कि सदन में वह अपनी बात रखे,जो नियम जनहित में नहीं हैं उनका विरोध करे लेकिन आजदी के बाद "सुशासन " की सरकार  स्थापित करने की तमगा देने वाले नीतीश कुमार सदन की गरिमा गिराने में कोई कसर नहीं छोड़े। हमलोग माननीय सदस्य हैं,निर्वाचित होकर विधान सभा पहुँचे हैं और अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए सदन में लड़ते रहेंगे चाहे सरकार सदन में लाठियां भांजे या गोलियाँ चलाए फर्क नहीं पड़ता क्योंकि बिहार के साथ साथ देश की जनता ने नीतीश कुमार का असली चेहरा देख लिया हैं।जिस तरह से मेरा बाल घिचते हुए सदन के अंदर पीटा गया एवं घसीटते हुए बाहर फेका गया आप वीडियो में देख सकते हैं।मेरे हाथ फट गए हैं एवं पैर में काफी चोट आई हैं जिससे चल पाने में भी सक्षम नहीं हो पा रही हूँ।कई मननीय सदस्यगण चोटिल हैं।लेकिन इससे हमारा हौसला कम नहीं हुआ हैं क्योंकि हमलोग लालुवादी विचारधारा से प्रेरित हैं और गलत के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।

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