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किसान पाठशाला का आयोजन में धान की सीधी बुआई पर जोर।।

किसान पाठशाला का आयोजन में धान की सीधी बुआई पर जोर।।

 किसान पाठशाला का आयोजन में धान की सीधी बुआई पर जोर।।



ब्यूरो रमेश शंकर झा,


समस्तीपुर:- जिले में किसान पाठशाला अंतर्गत धान की सीधी बुआई में खरपतवार प्रबंधन विषय पर किसान पाठशाला का आयोजन ताजपुर प्रखंड क्षेत्र के हरिशंकरपुर बघौनी पंचायत में प्रगतिशील किसान बैजनाथ राय के प्रत्यक्षण प्लॉट पर किया गया। जिसमें मारुत नंदन शुक्ला सहायक तकनीकी प्रबंधक ने बताया कि धान की फसल में धान की सीधी बुवाई में खरपतवार प्रबंधन एक महत्वपूर्ण पहलू है। अगर धान में खरपतवार नियंत्रण नहीं किया जाता है, तो लगभग 50 प्रतिशत क्षति होने का संभावना होता है। जलवायु परिवर्तन के कारण धान की पुस्तकों में विभिन्न प्रकार के नए-नए खरपतवार उग रहे हैं। क्योंकि खरपतवार मुख्य फसल से प्रतियोगिता करता है और खाद, उर्वरक, पानी, प्रकाश, हवा आदि के लिए प्रतियोगिता करता है। जिसके कारण मुख्य फसल में कल्ले कम आते हैं पौधे का पूर्ण रूप से विकास नहीं होता जिसके कारण बाली का आकार छोटा हो जाता है, दाने कम बनते हैं और विभिन्न प्रकार के कीट रोग व्याधि धान की फसल में बढ़ जाता है। जिसके कारण धान की फसल के उत्पादन में उत्पादन से अधिक लागत लग जाता है। इसलिए धान की सीधी बुवाई में 15 से 20 दिन पर एवं कदवा धान की फसल में बुवाई के 25 से 30 दिन पर खरपतवार नाशी का प्रयोग करना चाहिए। जिसमें बिसपाइरिबैक सोडियम 100 एमएल तथा पाईराजोसलफयुरान 80 ग्राम 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव करना चाहिए। जिससे खरपतवार प्रबंधन हो जाता है और लागत कम लगता है। इस मौके पर रंजीत कुमार रंजन सहायक तकनीकी प्रबंधक, प्रभात कुमार मणि कृषि समन्वयक, ममता कुमारी किसान सलाहकार, प्रगतिशील कृषक  मनीष कुमार, राहुल कुमार, दिनेश प्र० सिंह, नरेश सिह, लालू राय,सरयू सिंह, दीपक कुमार, निरसी देवी आदि किसान मौजूद थे।

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