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प्रखंड मुख्यालय पर पंचायत प्रतिनिधियों ने दिया धरना, सभी परिवारों को अभिलंब बाढ़ सहायता राशि देने की माँग।।

प्रखंड मुख्यालय पर पंचायत प्रतिनिधियों ने दिया धरना, सभी परिवारों को अभिलंब बाढ़ सहायता राशि देने की माँग।।

 प्रखंड मुख्यालय पर पंचायत प्रतिनिधियों ने दिया धरना, सभी परिवारों को अभिलंब बाढ़ सहायता राशि देने की माँग।।



ज़ाहिद अनवर (राजु) / दरभंगा


*दरभंगा*--आज पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत प्रखंड सह अंचल कार्यालय पर त्रिस्तरीय पंचायती राज के प्रतिनिधियों ने शत प्रतिशत परिवारों को बाढ़ सहायता राशि दिलवाने, प्रखंड क्षेत्र से बाढ़ के पानी की निकासी सहित विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया। धरना की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख बसंत कुमार ने किया। वही मौके पर एक सभा हुई जिसको संबोधित करते हुए मुखिया महासंघ के अध्यक्ष राजीव कुमार चौधरी ने कहा कि दो जुलाई से पूरा प्रखंड क्षेत्र बाढ़ के पानी से डूबा हुआ है। दो माह बीत जाने के बाद भी अभी तक अंचल से जिला तक का कोई पदाधिकारी देखने या सुधि लेना उचित नहीं समझे। बिना पंचायत या प्रखंड में अनुश्रवण कराएं अपने स्वेच्छा से कुछ वार्डो में राहत का पैसा देकर खानापूर्ति किया गया और एक या दो बांध पर कुछ प्लास्टिक शीट देकर खानापूर्ति हुई है। प्रथम चरण के बाढ़ आने पर किसानों का जो खरीफ फसल एवं धान का बिचड़ा लगा हुआ था पूर्णतः नष्ट हो गया। बीच में बाढ़ का पानी घटने लगा था तो किसान बाहर से धान का बिचड़ा मंगाकर रोपनी किया तो दोबारा बाढ की पानी बढ़ने पर उसे भी पूर्णता नष्ट कर दिया। बहुसंख्यक पशुपालक किसान प्रखंड क्षेत्र से बाहर जाने पर मजबूर होकर समस्तीपुर के तरफ पलायन किए जो किसान नहीं जा पाया वैसे किसानों का पशु चारा के अभाव में मरणासन्न के स्थिति में है। गरीबों, मजदूरों, एवं विस्थापितों को कुछ दिनों तक दुकानदार राशन या जीवन उपयोगी सामान उधार दे रहे थे कि राहत का पैसा मिलेगा तो लोग दे देंगे। राहत नहीं मिलने की स्थिति में अब दुकानदार उधार देना भी बंद कर दिए। ऐसी स्थिति में बाढ़ पीड़ितों का जीना दुर्लभ हो गया है। पिछले साल की भांति इस साल भी बड़ी संख्या में फलदार व अन्य वृक्ष के सूखने से लोग भयभीत है। वृक्ष सूखने से किसानों का नगदी आमदनी बंद होने के साथ-साथ पर्यावरण पर भी असर पड़ेगा। विदित हो कि इस प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ सरकार द्वारा प्रायोजित है। तत्कालीन बिहार सरकार द्वारा पहले सोमनार हाट से हायाघाट तक कल्याणपुर बचाओ बांध बनाकर बाढ़ के पानी को रोका गया। दोबारा पुनः सरकार द्वारा हायाघाट से मब्बी तक शहर सुरक्षा के नाम पर बांध बनाकर इस क्षेत्र को बाढ़ ग्रसित व जलजमाव क्षेत्र बना दिया गया है। धरना में मुख्य मांगे पूरे प्रखंड क्षेत्र सहित बाढ़ पीड़ित परिवारों को सरकार द्वारा घोषित बाढ़ राहत सुनिश्चित किया जाए, प्रखंड क्षेत्र के बाढ के पानी निकासी की व्यवस्था सोनमार हाट से हायाघाट बांध में पांच फुटया वाले जगह पर पूल बनाकर एवं शांति नदी की पुरानी धारा चालू कर किया जाए, सभी पशुपालक किसानों को तत्काल पशु चारा का का भरपूर व्यवस्था किया जाए, सभी किसानों को (बटाईदार  सहित) फसल क्षति का मुआवजा दिया जाए, अगला रबी खेती के लिए मुफ्त खाद बीज एवं जुताई की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए, बाढ घटने पर क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों का अविलंब मरम्मत किया जाए, बाढ़ से क्षतिग्रस्त घरों को प्राथमिकता देकर प्रधानमंत्री आवास योजना से घर निर्माण कराया जाए, बाढ़ का पानी घटने पर पूरे प्रखंड क्षेत्र में महामारी से बचाव के लिए ब्लीचिंग पाउडर एवं दवा का छिड़काव किया जाए, सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उप केंद्रों पर जीवन उपयोगी दवा के साथ डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी का नियमित व्यवस्था किया जाए, सभी पंचायतों में पशु चिकित्सक को दबा के साथ प्रतिदिन गांव में भेजा जाए,  सभी बाढ़ पीड़ितों को प्लास्टिक शीट अभिलंब दिया जाए आदि थे।

धरना को राजद के जिला अध्यक्ष उमेश राय ने संबोधित कर पार्टी के तरफ से समर्थन दिया। मौके पर ने सभा को सीपीआई अंचलमंत्री आशुतोष मिश्र, भाकपा माले के अंचल मंत्री पप्पू पासवान, जिला परिषद् सदस्य रघुवीर पासवान, मुखिया ललन महतो, विजय कुमार चौधरी, रामानन्द पासवान, राजकिशोर यादव, सरपंच फुलेन्द्र राय, लाल बाबू यादव, अरूण दास, रामलखन बैठा, नवनीत कुमार चौधरी, विजय कुमार चौधरी, झरोखा देवी, दिनेश्वर राय, विमलेश कुमार झा आदि ने  संबोधित किया।

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