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निर्दोष आरोपित के परिजन के आवेदन को गंभीरता से देख कार्रवाई करें वरीय अधिकारी : अभिजीत कुमार।।

निर्दोष आरोपित के परिजन के आवेदन को गंभीरता से देख कार्रवाई करें वरीय अधिकारी : अभिजीत कुमार।।

 निर्दोष आरोपित के परिजन के आवेदन को गंभीरता से देख कार्रवाई करें वरीय अधिकारी : अभिजीत कुमार।।



ज़ाहिद अनवर (राजु) / दरभंगा


*दरभंगा*--मानवाधिकार इमरजेंसी सोशल हेल्पलाइन के प्रदेश अध्यक्ष अभिजीत कुमार ने राज्य सरकार एवं पुलिस मुख्यालय को पत्र लिख सभी जिले के एसएसपी एसपी को निर्दोष आरोपित अभियुक्त के साथ न्याय संगत कार्रवाई करने का निर्देश पत्र भेजने का अनुरोध किया है प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अधिकांश प्राथमिकी में भावना से ग्रस्त होकर ऐसे ऐसे व्यक्तियों का नाम लिया जाता है जो व्यक्ति घटनाक्रम में घटनास्थल पर मौजूद रहता ही नहीं है उसके बावजूद आवेदक द्वारा क्रोध की भावना में नामजद आरोपित बना दिया जाता है प्राथमिकी के बाद अनुसंधानकर्ता का कार्य है भौतिक साक्ष्य एवं अन्य सभी बिंदु पर जांच कर निर्दोष व्यक्ति को आरोप मुक्त कर अपने वरीय पदाधिकारी के सूचित करना लेकिन अधिकांश मामलों में देखा जाता है कि आरोपित के परिजन द्वारा बार-बार निर्दोष होने का साक्ष्य देने के बावजूद अनुसंधानकर्ता उक्त साक्ष्य को केस दैनिकी में अंकित ना कर डांट फटकार कर उक्त साक्ष्य को कोर्ट में दिखाने की बात करते हैं जिस कारण कई महीने निर्दोष व्यक्ति जेल में बंद हो जाते हैं बार-बार एसएसपी आईजी को परिजन द्वारा ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाते हैं लेकिन एसएसपी और आईजी आम आदमी के आवेदन को तवज्जो नहीं देते हैं जिस कारण न्याय मिलने में  काफी वक्त लग जाता है। इस कारण निर्दोष व्यक्ति भी अपने राह से भटक जाते हैं। इसलिए सरकार को इस पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है पुलिस विभाग को भ्रष्ट अनुसंधानकर्ता पर विभागीय कार्रवाई करते हुए बर्खास्त करने की अनुशंसा करनी चाहिए वही आगे प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इसी क्रम को लेकर पुलिस मुख्यालय को जिले के सभी एसएसपी एसपी को अभियुक्त के परिजन के आवेदन पर गंभीरता पूर्वक अवलोकन कर न्याय संगत कार्रवाई का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

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